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Byju's के कर्मचारियों की जुबां पर फिलहाल बस यही बोल - थोड़ा मिला, थोड़े की जरूरत है

कोरोना काल में बुलंदियों पर पहुंच चुकी बायजू फिलहाल मुश्किल दौर से गुजर रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

एडटेक कंपनी बायजू (Byju's) मुश्किल दौर से गुजर रही है. कंपनी के पास जरूरी खर्च के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं हैं. इस बीच, खबर है कि बायजू ने कम सैलरी पाने वाले अपने 25% कर्मचारियों की पूरी सैलरी रिलीज कर दी है. जबकि बाकी कर्मचारियों को आंशिक भुगतान किया गया है और बैलेंस के लिए उन्हें अभी इंतजार करना होगा. बायजू के प्रबंधन ने कर्मचारियों को भेजे मेल में कहा कि वैकल्पिक कोष व्यवस्था के जरिए वेतन भुगतान किया गया है. 

पहले कही थी ये बात
हाल ही में बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन ने कहा था कि हम अपने कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रहे हैं. राइट्स इश्यू से हमने जो पैसा जुटाया था, वह निवेशकों के साथ विवाद के चलते एक अलग अकाउंट में लॉक है. बायजू अपने कर्मचारियों को अब तक फरवरी की सैलरी नहीं दे पाई है. हालांकि, अब यह खबर सामने आई है कि कंपनी ने कम वेतन वाले कर्मचारियों को पूरा भुगतान कर दिया है. जबकि बड़ी सैलरी वालों को आंशिक भुगतान किया गया है. फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि उन्हें बैलेंस सैलरी कब तक मिल पाएगी. बता दें कि बायजू में 15000 के आसपास कर्मचारी हैं.

इसलिए बढ़ी मुश्किलें 
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 27 फरवरी के अपने आदेश में Byju's को निर्देश दिया था कि उसे राइट्स इश्यू से मिलने वाली रकम को एस्क्रो खाते में रखना होगा. इसका मतलब है कि कंपनी इस पैसे को तब तक नहीं निकाल सकती, जब तक ​कि पूरा मामला सुलझ नहीं जाता. बायजू पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रही है. फंड जुटाने की कोशिश के तहत ही कंपनी राइट्स इश्यू लेकर आई है. उसे उम्मीद थी कि इससे जो पैसा आएगा उसकी मदद से वो अपने दैनिक कामकाज को कुछ समय तक आसानी से चला पाएगी. लेकिन NCLT के आदेश ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. अब जब तक NCLT में  चल रहे मामले का निपटारा नहीं हो जाता, राइट्स इश्यू का पैसा एस्क्रो खाते में ही रहेगा. 

निवेशक हैं नाराज
बायजू के चार निवेशकों ने कंपनी के खिलाफ दमन और कुप्रबंधन का मुकदमा NCLT में दायर किया है. इन निवेशकों ने एनसीएलटी से कंपनी के संस्थापक बायजू रवींद्रन को कंपनी चलाने के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की है. साथ ही एक नया बोर्ड नियुक्त करने की गुहार भी लगाई है. पूरे मामले पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि राइट्स इश्यू से हासिल होने वाली रकम से कंपनी को अगले कुछ महीनों तक परिचालन जारी रखने में मदद मिल सकती ​थी, लेकिन अब मामला निपटने तक इस पैसे को नहीं निकाला जा सकेगा. हालांकि, बायजू रकम का इस्तेमाल करने की अनुमति के लिए एनसीएलटी से अनुरोध कर सकती है. एनसीएलटी ने उसे निर्देश दिया था कि राइट्स इश्यू से प्राप्त रकम को अलग एस्क्रो खाते में रखा जाना चाहिए और इसे मामला सुलझने तक नहीं निकाला जाना चाहिए.


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