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2029 तक $511 बिलियन का आंकड़ा पार करेगी वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था: GlobalData

कम होती लागत, बढ़ते गैर-पश्चिमी खिलाड़ी, अंतरिक्ष की सैन्यीकरण और नए डेटा अनुप्रयोग अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा दे रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

ग्लोबलडाटा (GlobalData) की नई रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था वर्ष 2029 तक 511.2 बिलियन डॉलर को पार कर जाएगी, जो वर्ष 2024 के 421 बिलियन डॉलर से 4.0 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (CAGR) से वृद्धि करेगी. इस विकास के पीछे लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों की तैनाती में वृद्धि, सैटेलाइट उपकरण निर्माण में उत्पादकता सुधार, प्रतिस्पर्धी लॉन्च सेवाएं, और डेटा संचार, नेविगेशन और पृथ्वी अवलोकन से जुड़ी सेवाओं की मांग में इजाफा जैसे प्रमुख कारण हैं.

ग्लोबलडाटा की रिपोर्ट 'द स्पेस इकोनॉमी' बताती है कि अंतरिक्ष से जुड़ी सेवाओं का सबसे बड़ा हिस्सा सैटेलाइट संचार, नेविगेशन और पृथ्वी अवलोकन जैसे अनुप्रयोगों से आता है, जो 2.9 प्रतिशत की दर से बढ़कर 2029 तक 334.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा.

लागत में गिरावट और नई प्रतिस्पर्धा से बढ़ेगा बाजार

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि निर्माण और लॉन्च की लागत में गिरावट, गैर-पश्चिमी देशों की सक्रिय भागीदारी, अंतरिक्ष सैन्यकरण और अंतरिक्ष डेटा के नए उपयोग वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं. ग्लोबलडाटा के रणनीतिक खुफिया अनुसंधान निदेशक विलियम रोजास ने कहा "भविष्य के लिए अलग-अलग परिदृश्यों के आधार पर अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था की विकास दर भिन्न हो सकती है. मौजूदा वैश्विक आर्थिक चुनौतियां, रूस का स्थायी रूप से अंतरिक्ष क्षेत्र से बाहर होना, और यह सवाल कि क्या चीनी कंपनियां अपने देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को पूरा कर पाएंगी  ये सभी कारक विकास को प्रभावित कर सकते हैं."

निवेशकों के भरोसे में आ सकती है गिरावट

रोजास ने यह भी चेताया कि नवोदित उपग्रह और रॉकेट कंपनियों की वित्तीय स्थिरता संदिग्ध है, और निकट भविष्य में कम रिटर्न के कारण निवेशकों का विश्वास 2025 के बाद कम हो सकता है.

पुन: प्रयोग योग्य रॉकेट और साझा लॉन्च सेवाएं होंगी निर्णायक

भविष्य की वृद्धि रियूजेबल रॉकेट्स और सस्ती व नियमित राइड-शेयरिंग सेवाओं के विकास पर निर्भर करेगी, जिससे लॉन्च मिशनों में अधिक पेलोड स्लॉट उपलब्ध होंगे. हालांकि, स्पेस टूरिज्म और कॉलोनाइजेशन जैसे उप-क्षेत्र 2030 के बाद ही बड़ा योगदान दे पाएंगे.

निजी कंपनियों की अग्रणी भूमिका

रोजास ने कहा कि अब अंतरिक्ष केवल सरकारों और पारंपरिक एयरोस्पेस कंपनियों का क्षेत्र नहीं रह गया है. निर्माण, प्रणोदन और लॉन्च टेक्नोलॉजी में प्रगति ने इसे सुलभ और सस्ता बना दिया है. जो कंपनियां पहले सामने आईं, उन्हें फर्स्ट-मूवर एडवांटेज मिला. SpaceX पहली निजी कंपनी थी जिसने एक अंतरिक्ष यान को ऑर्बिट में भेजा और सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाया. वर्तमान में वह 'Falcon 9' लॉन्च के लिए प्रति मिशन 69.5 मिलियन डॉलर चार्ज करती है.

बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा और एकीकरण

इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है. स्टार्टअप्स सस्ते रॉकेट और उपग्रह विकसित कर रहे हैं ताकि बड़े एयरोस्पेस खिलाड़ियों को टक्कर दी जा सके. बड़े सैटेलाइट समूहों का विलय तेजी से हो रहा है ताकि वे Starlink और Amazon Kuiper जैसी मेगा-कॉन्स्टेलेशनों से मुकाबला कर सकें. रिपोर्ट के अनुसार Eutelsat और OneWeb का 2022 में विलय हुआ, Viasat ने 2023 में Inmarsat का अधिग्रहण किया और SES ने 2024 में Intelsat को खरीदा था. 

रोजास ने कहा “सैटेलाइट ब्रॉडबैंड अब एक रणनीतिक प्राथमिकता बन चुका है, जो राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित करता है. जिन देशों के पास स्थलीय ब्रॉडबैंड नेटवर्क कमज़ोर है, वे सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के माध्यम से उस कमी को दूर कर सकते हैं और विदेशी निवेश को आकर्षित कर सकते हैं.”

 

 


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