होम / बिजनेस / बजट से पहले नीतीश, नायडू ने कर डाली ऐसी मांग, मोदी सरकार की बढ़ गई टेंशन!
बजट से पहले नीतीश, नायडू ने कर डाली ऐसी मांग, मोदी सरकार की बढ़ गई टेंशन!
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को पूर्ण बजट पेश करेंगी. इससे पहले नीतीश कुमार ने उन्हें डिमांड की लिस्ट थमा दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
बजट से पहले नीतीश कुमार ने मोदी सरकार की टेंशन बढ़ा दी है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि JDU प्रमुख नीतीश कुमार ने बिहार के लिए बजट में 30,000 करोड़ रुपए की मांग की है. रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार ने पिछले महीने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के साथ बजट-पूर्व बैठक के दौरान राज्य को 30 हजार करोड़ रुपए का पैकेज देने का अनुरोध किया था. हालांकि, केंद्र ने अभी तक यह निर्णय नहीं लिया गया है कि इस वर्ष बिहार को कितनी धनराशि आवंटित की जाएगी.
नायडू ने की है ये डिमांड
बात केवल इतनी ही नहीं है. चंद्रबाबू नायडू की पार्टी TDP ने भी केंद्र से बड़ी धनराशि की मांग कर डाली है. नायडू अपने राज्य आंध्र प्रदेश के लिए अगले कुछ वर्षों में 12 अरब डॉलर से अधिक की सहायता चाहते हैं. मोदी सरकार के लिए चिंता के बात यह है कि दोनों गठबंधन सहयोगियों ने जितनी राशि मांगी है वह केंद्र की सालाना फूड सब्सिडी के आधे से अधिक के बराबर है. ऐसे में इनकी मांगों को पूरा करने में सरकार के पसीने छूट जाएंगे.
अनसुना नहीं कर सकता केंद्र
मोदी 3.0 सहयोगियों के कन्धों पर सवार है. चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार की बदौलत ही सरकार पूरे पांच साल चल सकती है. यदि इनमें से किसी ने भी मोदी सरकार का हाथ छोड़ा तो उसका गिरना तय है. ऐसे में इन सहयोगियों की मांगों को PM मोदी पूरी तरह नज़रंदाज नहीं कर सकते. इस बार सरकार पर बजट को लोकलुभावन बनाने का भी दबाव है, ताकि आम जनता को खुश किया जा सके. क्योंकि लोकसभा चुनाव में जैसे परिणामों की उम्मीद भाजपा लगाए बैठी थी, जनता की नाराज़गी से संभव नहीं हो पाया. लिहाजा, वित्तमंत्री जनता को खुश करने वाली कुछ घोषणाएं कर सकती हैं.
क्या-क्या चाहिए नीतीश को?
खबर तो यह भी है कि मोदी सरकार के दोनों सहयोगी चाहते हैं कि केंद्र उन्हें अपने राज्यों में अधिक उधार लेने की अनुमति दे. वित्तीय नियमों के मुताबिक, राज्य अपने क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद के 3% तक उधार ले सकते हैं. जबकि बिहार ने बिना किसी शर्त के 1% अतिरिक्त उधार की मांग की है. इसी तरह, आंध्र प्रदेश ने 0.5% की अतिरिक्त मांग की है. इसके अलावा, नीतीश कुमार ने बिहार में 9 एयरपोर्ट्स, 4 नई मेट्रो लाइन और 7 मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए बजट में प्रावधान की मांग भी कर डाली है. इतना ही नहीं, वह राज्य में 200 अरब के थर्मल पावर प्लांट की स्थापना के लिए फंडिंग, 20,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों की मरम्मत में मदद भी चाहते हैं. उन्होंने बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा भी मांगा है.
टैग्स