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बजट 2026: हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा सुधार, सरकार ने एलाइड प्रोफेशनल्स और मेडिकल टूरिज्म पर जोर दिया
विशेषज्ञ मानते हैं कि ये कदम भारत के हेल्थकेयर सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य, समग्र और रोकथाम-आधारित स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में ले जाएंगे और देश को मरीजों के लिए विश्वस्तरीय इलाज का पसंदीदा गंतव्य बनाएंगे.
रितु राणा 3 months ago
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पेश किए गए बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी. बजट में एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHPs) और केयरगिवर्स की ट्रेनिंग, मेडिकल टूरिज्म हब्स, बायोफार्मा विकास और आयुर्वेद व योग को बढ़ावा देने जैसी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की गई. विशेषज्ञों ने इन कदमों को भारत के हेल्थकेयर सेक्टर की क्षमता बढ़ाने और देश को वैश्विक स्वास्थ्य हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है.
एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और केयरगिवर्स पर फोकस
आकाश हेल्थकेयर के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चौधरी ने कहा “सरकार का एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स पर फोकस हमारे हेल्थकेयर वर्कफोर्स को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. 1 लाख AHPs और 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षण देने से एलाइड और बुजुर्गों की देखभाल में मौजूद अहम कमी को पूरा किया जा सकेगा. मेडिकल टूरिज्म और आयुर्वेद से जुड़ी पहलों के साथ यह भारत को व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं का ग्लोबल हब बनाने में मदद करेगा.” उन्होंने कहा कि ये पहलें न सिर्फ मरीजों की देखभाल बेहतर करेंगी, बल्कि भारत को समग्र और उन्नत इलाज के लिए वैश्विक पसंदीदा गंतव्य भी बनाएंगी.
मैरिंगो एशिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो एंड स्पाइन (MAIINS) के चेयरमैन डॉ. प्रवीण गुप्ता ने कहा “भारत की बढ़ती बुजुर्ग आबादी को देखते हुए एलाइड और जेरियाट्रिक केयर वर्कफोर्स का विकास बेहद जरूरी है. 1.5 लाख प्रशिक्षित केयरगिवर्स पर जोर देना लंबे समय के लिए गुणवत्तापूर्ण देखभाल की प्रतिबद्धता को दिखाता है.”
मेडिकल टूरिज्म हब्स और आयुर्वेद केंद्र
बजट में पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब्स स्थापित करने की योजना का ऐलान किया गया. इसमें समर्पित आयुष केंद्र भी शामिल होंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय मरीजों को आकर्षित करने और समग्र उपचार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. एशियन हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. एन.के. पांडे ने कहा “निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करना भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम के लिए दूरदर्शी कदम है. आयुर्वेद और योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने से ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म में भारत की स्थिति और मजबूत होगी.”
कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट एवं IVF स्पेशलिस्ट डॉ. हृषिकेश पाई ने भी कहा कि मेडिकल टूरिज्म से जुड़ी पहलों से विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने के नए अवसर पैदा होंगे. आयुर्वेद और योग को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने से भारत की समग्र स्वास्थ्य प्रणाली और मजबूत होगी.”
बायोफार्मा और लाइफ-साइंसेज सेक्टर को बढ़ावा
बजट में बायोफार्मा हब को विकसित करने और लाइफस्टाइल बीमारियों पर ध्यान केंद्रित करने की घोषणा की गई. इसके तहत रिसर्च, क्लिनिकल ट्रायल्स और CDSCO को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हैं. NeuroEquilibrium के फाउंडर राजनीश भंडारी ने कहा “बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब को बढ़ाने से भारत की ग्लोबल लाइफ-साइंसेज हब के रूप में स्थिति मजबूत होगी. नए मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, बड़े ट्रॉमा सेंटर, जेरियाट्रिक केयर और AI आधारित सहायक उपकरण ये सभी कदम व्यापक और सुलभ इलाज की दिशा में निर्णायक बदलाव दिखाते हैं.”
महत्वपूर्ण दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट
सरकार ने 17 महत्वपूर्ण दवाओं और मेडिसिन पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाने का ऐलान किया, जिससे कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए इलाज अधिक किफायती हो सकेगा. साथ ही, व्यक्तिगत उपयोग के लिए दवाओं और मेडिकल फूड पर छूट की सूची में सात और दुर्लभ बीमारियों को शामिल किया गया. डॉ. एन.के. पांडे ने कहा “इन नीतिगत फैसलों से जरूरी इलाज तक समय पर पहुंच तेज होगी, मरीजों के परिणाम बेहतर होंगे और विशेष दवाओं पर निर्भर मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज देने की हमारी क्षमता मजबूत होगी.”
डिजिटल हेल्थ और दंत चिकित्सा क्षेत्र में निवेश
Dentalkart के , CEO & Founder डॉ. विकास अग्रवाल ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा “केंद्रीय बजट 2026 हेल्थकेयर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने का स्पष्ट संकेत देता है—सस्ती सेवाएं, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल सशक्तिकरण. MSMEs और लॉजिस्टिक्स पर फोकस प्लेटफॉर्म्स को सक्षम बनाएगा और उन्नत दंत समाधान तेजी से अपनाने में मदद करेगा. इसका लाभ डॉक्टरों और मरीजों दोनों को मिलेगा.”
बजट 2026 हेल्थ सेक्टर में मानव संसाधन, बायोफार्मा, मेडिकल टूरिज्म, आयुर्वेद, योग और डिजिटल हेल्थ सभी को समेकित करता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि ये कदम भारत को रोकथाम आधारित, समग्र और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हेल्थकेयर सिस्टम की दिशा में ले जाएंगे.
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