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बंद हो गई इस कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग, कहीं आपका तो नहीं लगा है पैसा?
यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. एक कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग बंद हो गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
शेयर बाजार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. डिजिटल मार्केटिंग कंपनी ब्राइटकॉम ग्रुप (Brightcom Group) के शेयरों की ट्रेडिंग बंद कर दी गई है. यानी इनकी खरीद-फरोख्त अब नहीं हो पाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अगले आदेश तक कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग को सस्पेंड कर दिया है. स्टॉक एक्सचेंज की इस कार्रवाई से एक दिन पहले 13 जून तक कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग एक्टिव थी. BSE पर यह 4.93% की गिरावट के साथ 9.45 रुपए पर बंद हुआ था.
क्यों हुई कंपनी पर कार्रवाई?
एक्सचेंज की तरफ से बताया गया है कि ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरों का सस्पेंशन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि कंपनी NSE के मास्टर सर्कुलर के हिसाब से काम नहीं करती. 15 मई को ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरों की ट्रेडिंग बंद करने की घोषणा हुई थी. हालांकि, 16 मई को कंपनी ने एक्सचेंजों को बताया कि ऐसी नौबत नहीं आने दी जाएगी और 11 जून तक वह वित्त वर्ष 2023-24 की जुलाई-सितंबर और अक्टूबर-दिसंबर के नतीजे घोषित कर देगी. लेकिन कंपनी ने 11 जून को पूरे नतीजे नहीं जारी किए. ब्राइटकॉम ग्रुप सितंबर तिमाही के नतीजे तो पेश किए, मगर दिसंबर 2023 तिमाही के नतीजों पर कोई जानकारी नहीं दी. इसी के चलते कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग सस्पेंड कर दी गई है.
शेयरधारकों का क्या होगा?
मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से ब्राइटकॉम ग्रुप में 2 लाख रुपए के कम के निवेश वाले करीब 6.56 लाख शेयरधारक हैं. चूंकि ट्रेडिंग सस्पेंड की गई है, इसलिए शेयरहोल्डर्स 15 दिनों तक न तो अपने शेयर बेच पाएंगे और न ही नए शेयर खरीद पाएंगे. हालांकि, इसके बाद भी ट्रेडिंग सामान्य नहीं होगी. बल्कि निवेशक जेड कैटेगरी में ट्रेड-फॉर-ट्रेड के आधार पर ऐसा करने में सक्षम होंगे. जेड कैटेगरी के तहत अगले छह महीने तक हर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन ही ट्रेडिंग हो पाएगी.
SEBI भी ले चुका है एक्शन
जेड कैटेगरी में ऐसे शेयरों को रखा जाता है, जो एक्सचेंजों की लिस्टिंग से जुड़े नियमों को पूरा नहीं करते हैं या निवेशकों की शिकायतों का निपटारा नहीं करते हैं या फिर दोनों डिपॉजिटरीज के पास जरूरी व्यवस्था करने में नाकाम रहते हैं. वहीं, ट्रेड-फॉर-ट्रेड कैटेगरी के तहत आने वाले शेयरों की लेवल डिलीवरी वाली ट्रेडिंग हो सकती है इंट्रा-डे ट्रेडिंग नहीं. गौरतलब है कि ब्राइटकॉम ग्रुप लिमिटेड (BGL) पिछले काफी समय से किसी न किसी वजह से चर्चा में रही है. पिछले साल बाजार नियामक SEBI ने एक अंतरिम आदेश में कंपनी के शीर्ष अधिकारियों में शुमार सुरेश कुमार रेड्डी और नारायण राजू को अगली सूचना तक कोई भी निदेशक पद संभालने से रोक दिया था. सुरेश कुमार रेड्डी कंपनी के प्रमोटर, चेयरमैन एवं MD और नारायण राजू कंपनी के CFO (Chief Financial Officer) की भूमिका निभा रहे थे.
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