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वैश्विक व्यापार में BRICS की हिस्सेदारी करीब 25%, EEPC India ने समान व्यापार मानकों की मांग की
EEPC इंडिया के अनुसार, नियामकीय अड़चनों को कम करने से सदस्य देशों के बीच कारोबार और भारतीय निर्यातकों की बाजार पहुंच में सुधार हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EEPC) इंडिया ने BRICS देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने और भुगतान व्यवस्था को आसान बनाने की मांग की है. संगठन के अनुसार, नियामकीय अड़चनों को कम करने से सदस्य देशों के बीच कारोबार और भारतीय निर्यातकों की बाजार पहुंच में सुधार हो सकता है. EEPC इंडिया के चेयरमैन पंकज छाड़ा ने कहा कि निर्यातकों के सामने आने वाली करीब 75 फीसदी समस्याओं को गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने और संबंधित देशों की स्थानीय मुद्राओं में सुगम व प्रभावी भुगतान व्यवस्था स्थापित करने से हल किया जा सकता है. उनके मुताबिक, इससे सीमा पार व्यापार से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों को कम करने में मदद मिलेगी.
गैर-टैरिफ बाधाओं पर समान मानक बनाने की मांग
छाड़ा ने कहा कि BRICS देशों को गैर-टैरिफ बाधाओं को लेकर एक साझा समझौते पर विचार करना चाहिए और समान मानकों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए. यह मुद्दा पिछले कुछ समय से चर्चा में है, लेकिन अब इसे लागू करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि BRICS देशों को केवल चर्चा तक सीमित रहने के बजाय व्यापार में आने वाली बाधाओं को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.
नियामकीय लागत बनी बड़ी चिंता
EEPC इंडिया के अनुसार, ज्यादातर देशों में गैर-टैरिफ उपायों की वजह से निर्यातकों पर पड़ने वाली लागत कई मामलों में टैरिफ की तुलना में अधिक होती है. ऐसे में व्यापारिक साझेदार देशों के बीच नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की जरूरत है, ताकि निर्यातकों का अनुपालन बोझ कम हो और वस्तुओं की आवाजाही आसान हो सके. संगठन के मुताबिक, BRICS देशों की वैश्विक व्यापार में करीब एक-चौथाई हिस्सेदारी है. ऐसे में गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने से सदस्य देशों के बीच व्यापार प्रवाह बढ़ाने की पर्याप्त गुंजाइश है.
इंजीनियरिंग निर्यात के लिए अहम बाजार
इंजीनियरिंग उत्पाद भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों में शामिल हैं. उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल वस्तु निर्यात में इंजीनियरिंग निर्यात की हिस्सेदारी करीब 27 फीसदी है. ऐसे में BRICS देशों के बीच व्यापार प्रक्रियाओं को आसान बनाने से इस क्षेत्र को फायदा मिल सकता है. BRICS के प्रमुख देशों में ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका भारतीय इंजीनियरिंग उत्पादों के महत्वपूर्ण बाजार हैं. EEPC इंडिया का कहना है कि इन बाजारों में व्यापार सुविधा से जुड़े उपाय मजबूत होने पर भारत के इंजीनियरिंग निर्यात को और बढ़ावा मिल सकता है.
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