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हर शेयर पर इतना Dividend दे रही है ये दिग्गज कंपनी, सुनकर आ जाएगा मजा

शेयर बाजार में आज तेजी दिखाई दी. BSE और NSE दोनों ग्रीन लाइन पर बंद हुए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

शेयर बाजार (Stock Market) आज यानी गुरुवार को तेजी के साथ बंद हुआ है. कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 227.55 अंकों की बढ़त के साथ 72,050.38 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 70.70 अंक चढ़कर 21,910.75 के लेवल पर बंद हुआ. इस तरह लगातार तीन सत्रों में बाजार में तेजी देखी गई. मार्केट में आई इस तेजी के बीच ऑटो कंपोनेंट्स एवं इक्विपमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी बॉश लिमिटेड (Bosch Ltd) लिमिटेड के स्टॉक भी उछाल पर दिखाई दिए.

अच्छे नतीजों से उछले शेयर
बॉश लिमिटेड ने हाल ही में दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए थे. इस दौरान, कंपनी का मुनाफा 62.4% बढ़कर 518 करोड़ रुपए रहा. अच्छे नतीजों के चलते बॉश के शेयरों में तेजी आ रही है. आज सुबह Bosh का शेयर 27,399.60 रुपए के स्तर पर खुला और 27,920.05 रुपए पर बंद हुआ. इस तरह कंपनी के शेयर में 1.90% का उछाल दर्ज हुआ. इस शेयर ने पिछले 5 कारोबारी सत्रों में 9.49%, एक महीने में 20.87% और छह महीने में 53.53% का रिटर्न दिया है. इस साल अब तक Bosh का शेयर 24.46% चढ़ चुका है.

दूसरा सबसे बड़ा डिविडेंड
तिमाही नतीजों से उत्साहित कंपनी ने अब अपने निवेशकों को खुशखबरी सुनाते हुए डिविडेंड (Bosch Dividend) का ऐलान किया है. बॉश लिमिटेड हर शेयर पर पर 205 रुपए का डिविडेंड देने जा रही है. यह कंपनी के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा डिविडेंड होगा. इस डिविडेंड के लिए 23 फरवरी को रिकॉर्ड डेट तय की है. इससे पहले, कंपनी प्रति शेयर 280 रुपए का डिविडेंड भी दे चुकी है. 

आखिर क्या होता है डिविडेंड?
चलिए अब जानते हैं कि डिविडेंड क्या होता है. हर कंपनी मुनाफा कमाने के लिए काम करती है. कई कंपनियां अपने मुनाफे में अपने शेयरहोल्डर्स को भी हिस्सेदारी मानती हैं, ऐसे में जब कोई कंपनी साल भर में कमाए गए अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयरहोल्डर्स में बांटती है तो उसे ही डिविडेंड कहते हैं. हालांकि कई बार ऐसे भी होता है कि कंपनियां मुनाफे की बजाय सरप्लस कैश से भी शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड बांटती हैं.

क्या हर कंपनी देती है डिविडेंड?
कंपनियों के लिए डिविडेंड देना जरूरी नहीं होता, क्योंकि इससे कंपनियों को कुछ हासिल नहीं होता, सिवाय शेयरहोल्डर्स की खुशी और भरोसे के. इसलिए कंपनी चाहे तो वो अपने मुनाफे में से एक भी पैसा शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड के रूप में न दे. अक्सर देखा गया है कि छोटी-छोटी कंपनियां या जिन्होंने अभी अभी अपना काम शुरू किया है वो कंपनियों डिविडेंड नहीं देती हैं. क्योंकि वो अपने मुनाफे को शेयरहोल्डर्स को देने की बजाय वापस बिजनेस के विस्तार और ग्रोथ में लगा देती हैं. जो कंपनियां डिविडेंड देती हैं वो आमतौर पर पूरी तरह से स्थापित और बड़ी कंपनियां होती हैं, लेकिन हर बड़ी कंपनी डिविडेंड दे ये भी जरूरी नहीं.
 


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