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भारत-यूके FTA पर बड़ा अपडेट: अप्रैल से लागू होने की उम्मीद, 99% बाजार में भारत को जीरो टैरिफ एंट्री
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता केवल टैरिफ कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह समझौता अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है. इसके प्रभावी होते ही भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन के 99% बाजार में शून्य शुल्क (0% टैरिफ) के साथ प्रवेश मिलेगा. बदले में भारत चरणबद्ध तरीके से कारों, स्कॉच व्हिस्की और कुछ उपभोक्ता उत्पादों पर आयात शुल्क घटाएगा. इसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.
CETA: द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और ब्रिटेन ने जुलाई 2025 में इस व्यापक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) नाम दिया गया है. इसका उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है. फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 56 अरब डॉलर है. अनुमान है कि 2040 तक यह समझौता व्यापार में करीब 25.5 अरब पाउंड (लगभग 34 अरब डॉलर) की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकता है.
ब्रिटेन में संसदीय प्रक्रिया जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह समझौता फिलहाल ब्रिटिश संसद की मंजूरी प्रक्रिया से गुजर रहा है. हाउस ऑफ कॉमन्स में इस पर बहस हो चुकी है और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भी चर्चा होनी है. मंजूरी मिलने के बाद दोनों देश मिलकर इसे लागू करने की तारीख तय करेंगे. भारत में ऐसे समझौतों को केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति मिलती है.
किसे क्या फायदा? टैरिफ में बड़े बदलाव
समझौते के तहत भारत स्कॉच व्हिस्की पर 150% आयात शुल्क को तुरंत घटाकर 75% करेगा और 2035 तक इसे 40% तक लाया जाएगा. इसी तरह ब्रिटेन से आयात होने वाली कारों पर शुल्क पांच साल में 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा. इसके बदले भारतीय निर्यातकों को टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, खिलौने और खेल सामग्री जैसे क्षेत्रों में बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी. साथ ही ब्रिटिश चॉकलेट, बिस्किट और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर भी भारत टैरिफ में कमी करेगा.
DCC समझौता: पेशेवरों को राहत
CETA के साथ दोनों देशों ने डबल कंट्रीब्यूशंस कन्वेंशन (DCC) पर भी हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता अस्थायी रूप से काम करने वाले पेशेवरों और श्रमिकों को दोनों देशों में सामाजिक सुरक्षा अंशदान के दोहरे भुगतान से राहत देगा. संभावना है कि CETA और DCC एक साथ लागू किए जाएंगे.
ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन की बड़ी उपलब्धि
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने 2025 में भारत यात्रा के दौरान इस समझौते को जल्द लागू करने की इच्छा जताई थी. उन्होंने इसे ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन की बड़ी व्यापारिक उपलब्धि बताया था. यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंदन यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित हुआ था.
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