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ट्रंप के बयान से तेल बाजार में बड़ी हलचल, कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें दिन के उच्च स्तर से 20 डॉलर से ज्यादा गिरकर लगभग 88.5 डॉलर प्रति बैरल तक आ गईं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने वैश्विक तेल बाजार की दिशा बदल दी. ट्रंप द्वारा युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत देने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई. एक दिन पहले रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा कच्चा तेल अचानक करीब 20 डॉलर प्रति बैरल तक सस्ता हो गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई.
ट्रंप के बयान से बदला बाजार का रुख
फ्लोरिडा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के साथ जारी संघर्ष को जल्द समाप्त करने की दिशा में कदम उठा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि तेल बाजार को स्थिर रखने के लिए कुछ प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार किया जा रहा है. ट्रंप के अनुसार अमेरिकी नौसेना के जरिए तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की व्यवस्था पर भी चर्चा हो रही है. यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वैश्विक तेल आपूर्ति में बड़ा महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है. वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है. ईरान से बढ़ते तनाव और संभावित अवरोध की आशंका के कारण हाल के दिनों में तेल बाजार में भारी उछाल देखा गया था. इससे खाड़ी क्षेत्र के कई बड़े तेल उत्पादक देशों, खासकर सऊदी अरब, को भंडारण की कमी के कारण उत्पादन कम करना पड़ा.
ब्रेंट और WTI दोनों में तेज गिरावट
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें दिन के उच्च स्तर से 20 डॉलर से ज्यादा गिरकर लगभग 88.5 डॉलर प्रति बैरल तक आ गईं. सोमवार को यही कीमत बढ़कर 119.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. इसी तरह अमेरिका का WTI कच्चा तेल फ्यूचर्स भी करीब 10 प्रतिशत गिरकर 85.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. एक दिन पहले यह 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया था.
एक दिन में रिकॉर्ड उतार-चढ़ाव
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट दिन के उच्च स्तर से बंद भाव तक की अब तक की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है. मंगलवार सुबह कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की अतिरिक्त गिरावट देखने को मिली और तेल 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया. इस दौरान कीमतों में लगभग 38 डॉलर प्रति बैरल का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, जो 2020 में कोरोना महामारी के दौरान आए संकट के बाद सबसे ज्यादा माना जा रहा है.
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति सामान्य बनी रहती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता लौट सकती है. हालांकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है. इसलिए आने वाले दिनों में तेल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
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