होम / बिजनेस / NPS निवेशकों को बड़ी राहत, रिटायरमेंट पर अब 80% तक निकाल सकेंगे पैसा
NPS निवेशकों को बड़ी राहत, रिटायरमेंट पर अब 80% तक निकाल सकेंगे पैसा
NPS नियमों में किए गए ये बदलाव निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं. एन्युटी की अनिवार्यता घटाकर 20 फीसदी करने और 80 फीसदी तक एकमुश्त निकासी की अनुमति से रिटायरमेंट के बाद वित्तीय लचीलापन काफी बढ़ गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम के नियमों में अहम बदलाव किए हैं, जिससे निवेशकों को रिटायरमेंट के समय ज्यादा वित्तीय आज़ादी मिलेगी. नए नियमों के तहत एन्युटी की अनिवार्यता घटा दी गई है और एकमुश्त निकासी की सीमा बढ़ा दी गई है. आइए इस बदलाव के बारे में विस्तार से जानते हैं.
NPS नियमों में सरकार का बड़ा बदलाव
सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन करते हुए निवेशकों को राहत दी है. जारी किए गए नए नोटिफिकेशन के अनुसार अब NPS अकाउंट होल्डर्स रिटायरमेंट के समय अपनी जमा राशि का 80 फीसदी तक एकमुश्त निकाल सकेंगे. पहले यह सीमा 60 फीसदी थी और शेष 40 फीसदी रकम एन्युटी में निवेश करना अनिवार्य था. अब एन्युटी की सीमा घटाकर 20 फीसदी कर दी गई है.
10 लाख तक के कॉर्पस पर पूरी निकासी संभव
नए नियमों को आसान भाषा में समझें तो यदि किसी NPS निवेशक का कुल पेंशन कॉर्पस यानी APW 10 लाख रुपये तक है, तो वह पूरी रकम 100 फीसदी एकमुश्त निकाल सकता है. ऐसे मामलों में एन्युटी लेना अब अनिवार्य नहीं होगा. वहीं, अगर कुल जमा राशि 10 लाख रुपये से अधिक है, तो निवेशक अधिकतम 80 फीसदी रकम एकमुश्त निकाल सकेगा और कम से कम 20 फीसदी राशि एन्युटी में लगानी होगी.
सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों पर लागू होंगे नियम
सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक ये नए नियम सरकारी और प्राइवेट सेक्टर, दोनों के NPS अकाउंट होल्डर्स पर लागू होंगे. यह बदलाव स्वैच्छिक निकासी, 60 साल की उम्र के बाद एग्जिट, रिटायरमेंट और मृत्यु जैसी स्थितियों में लागू किया गया है. सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का मकसद निवेशकों को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देना और रिटायरमेंट के बाद वित्तीय जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करना है.
क्या है नया 20% एन्युटी नियम
नए नियमों के तहत प्राइवेट सेक्टर के NPS मेंबर्स को तय सीमा से ज्यादा पेंशन कॉर्पस होने पर कम से कम 20 फीसदी राशि एन्युटी में निवेश करनी होगी. इस एन्युटी से निवेशकों को नियमित पेंशन मिलती रहेगी. बची हुई 80 फीसदी रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है या फिर सिस्टमैटिक यूनिट विदड्रॉल (SUR) जैसे विकल्प के जरिए चरणबद्ध तरीके से निकासी की जा सकती है. यह नियम सामान्य रिटायरमेंट, न्यूनतम सब्सक्रिप्शन अवधि पूरी होने और 60 से 85 साल के बीच एग्जिट की स्थिति में लागू होगा.
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह बदलाव
जानकारों का मानना है कि एन्युटी की अनिवार्यता कम होने से NPS अब एक ज्यादा आकर्षक रिटायरमेंट निवेश विकल्प बन गया है. इससे उन लोगों को खास फायदा होगा जो रिटायरमेंट के बाद अपनी पूंजी का बड़ा हिस्सा खुद मैनेज करना चाहते हैं. नए नियम रिटायरमेंट प्लानिंग को आसान बनाने के साथ-साथ निवेशकों को ज्यादा नियंत्रण और लचीलापन प्रदान करेंगे.
टैग्स