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डिजिटल फ्रॉड पीड़ितों को बड़ी राहत: RBI देगा पहली बार ₹25,000 तक का मुआवजा

डिजिटल फ्रॉड पर मुआवजे का RBI का यह फैसला ग्राहकों को सीधी राहत देने के साथ-साथ बैंकिंग प्रणाली में भरोसा बढ़ाने वाला कदम है, जिससे सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल लेनदेन को मजबूती मिलेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए डिजिटल फ्रॉड के शिकार बैंक ग्राहकों को मुआवजा देने का ऐलान किया है. इस पहल का उद्देश्य पीड़ित ग्राहकों को त्वरित राहत देना और बैंकिंग सिस्टम में भरोसा मजबूत करना है.

पहली बार धोखाधड़ी पर मिलेगा मुआवजा

RBI ने साफ किया है कि यह मुआवजा केवल पहली बार डिजिटल धोखाधड़ी के शिकार हुए ग्राहकों को दिया जाएगा. पात्र मामलों में ग्राहक को हुए नुकसान का 85 प्रतिशत या अधिकतम ₹25,000 (जो भी कम हो) मुआवजे के रूप में मिलेगा. यह राहत एक बार के लिए होगी. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अगर ग्राहक अनजाने में धोखाधड़ी का शिकार होता है, चाहे गलती उसकी हो या किसी और की, तो भी मुआवजा दिया जाएगा. शर्त सिर्फ इतनी होगी कि धोखाधड़ी जानबूझकर न की गई हो.

मुआवजे का बोझ कौन उठाएगा

प्रस्तावित ढांचे के तहत मुआवजे का बड़ा हिस्सा RBI खुद वहन करेगा. इसमें बैंक का योगदान 15 प्रतिशत होगा, जबकि ग्राहक को भी 15 प्रतिशत नुकसान सहना पड़ेगा. RBI जल्द ही इस व्यवस्था को लागू करने के लिए एक विस्तृत फ्रेमवर्क जारी करेगा.

डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते आंकड़े बने वजह

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. RBI के आंकड़ों के अनुसार,
1. 2024-25 में कार्ड और इंटरनेट फ्रॉड के करीब 13,500 मामले सामने आए, जिनमें लगभग ₹520 करोड़ का नुकसान हुआ.
2. 2023-24 में ऐसे मामलों की संख्या 29,000 से अधिक रही, जिनकी कुल राशि ₹1,457 करोड़ थी.
3. 2022-23 में 6,700 मामलों में करीब ₹277 करोड़ की धोखाधड़ी दर्ज की गई थी.

संख्या के लिहाज से दो-तिहाई से ज्यादा धोखाधड़ी कम मूल्य की होती हैं, लेकिन इसका सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ता है.

DEA फंड से हो सकता है मुआवजे का भुगतान

RBI के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे ने बताया कि डिपॉजिट एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में समय के साथ पर्याप्त अधिशेष जमा हो गया है. इस फंड का उपयोग डिजिटल फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए किया जा सकता है.

गलत बिक्री पर भी RBI सख्त

डिजिटल धोखाधड़ी के साथ-साथ RBI ने वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री पर भी सख्ती बढ़ाने का संकेत दिया है. बैंक और अन्य विनियमित संस्थानों द्वारा बेचे जा रहे थर्ड पार्टी प्रोडक्ट्स, जैसे बीमा पॉलिसी और म्यूचुअल फंड ग्राहक की जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुरूप हों, इसके लिए नए दिशानिर्देश लाए जाएंगे.

ग्राहक की सहमति और उपयुक्तता पर जोर

RBI के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू ने कहा कि नए नियमों में किसी भी वित्तीय योजना की उपयुक्तता और ग्राहक की स्पष्ट सहमति को अनिवार्य किया जाएगा. इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे.

बैंकिंग सिस्टम में बढ़ेगा भरोसा

इंडियन बैंक के एमडी और सीईओ विनोद कुमार ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी पर प्रस्तावित ढांचा ग्राहक शिकायत निवारण को मजबूत करेगा. इससे बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा.

वसूली एजेंटों के नियमों की भी होगी समीक्षा

RBI ने ऋण वसूली एजेंटों से जुड़े मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा करने का भी फैसला किया है. अलग-अलग विनियमित संस्थाओं पर लागू नियमों में सामंजस्य लाने के लिए जल्द ही मसौदा निर्देश सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किए जाएंगे.

 


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