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मिडकैप निवेशकों के लिए बड़ा मौका: BSE लाएगा फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स पर डेरिवेटिव
बीएसई का फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स पर डेरिवेटिव लॉन्च करने का फैसला मिडकैप निवेशकों के लिए नए अवसरों के दरवाजे खोल सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
शेयर बाजार के डेरिवेटिव सेगमेंट में एक अहम विस्तार होने जा रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से बीएसई फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स पर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च करने की मंजूरी मिल गई है. इस कदम से मिडकैप कंपनियों में रुचि रखने वाले निवेशकों को फ्यूचर्स और ऑप्शंस के जरिए नए अवसर मिलेंगे और एक्सचेंज के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो का दायरा भी बढ़ेगा.
अब तीन इंडेक्स पर ट्रेडिंग का विकल्प
फिलहाल बीएसई अपने प्लेटफॉर्म पर BSE Sensex और Bankex पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग की सुविधा देता है. फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स के जुड़ने के बाद निवेशकों को कुल तीन अलग-अलग सूचकांकों पर फ्यूचर्स और ऑप्शंस में कारोबार करने का अवसर मिलेगा. यह विस्तार खास तौर पर उन निवेशकों के लिए अहम माना जा रहा है जो मिडकैप कंपनियों की ग्रोथ कहानी पर दांव लगाना चाहते हैं.
किस तरह के होंगे कॉन्ट्रैक्ट
एक्सचेंज के अनुसार, फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स पर कैश-सेटल्ड मासिक इंडेक्स फ्यूचर्स और मासिक इंडेक्स ऑप्शंस उपलब्ध कराए जाएंगे. इन कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी हर महीने के अंतिम गुरुवार को होगी. इस व्यवस्था से निवेशकों को तय समयसीमा के भीतर अपनी पोजिशन क्लोज या रोलओवर करनी होगी, जिससे ट्रेडिंग में अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहेगी.
क्या है BSE फोकस्ड मिडकैप इंडेक्स
BSE Focused Midcap Index मिडकैप श्रेणी की शीर्ष 20 कंपनियों के प्रदर्शन को दर्शाता है. इन कंपनियों का चयन फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर किया जाता है. इस इंडेक्स का उद्देश्य मिडकैप सेगमेंट की मजबूत और प्रभावशाली कंपनियों की चाल को एक साथ प्रतिबिंबित करना है, ताकि निवेशकों को इस वर्ग की समग्र दिशा का स्पष्ट संकेत मिल सके.
NSE से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
दूसरी ओर, National Stock Exchange of India पहले से ही कई प्रमुख सूचकांकों पर डेरिवेटिव उत्पाद उपलब्ध कराता है, जिनमें NIFTY 50, NIFTY Bank, NIFTY Financial Services, NIFTY Midcap Select और NIFTY Next 50 शामिल हैं. ऐसे में बीएसई का यह कदम दोनों एक्सचेंजों के बीच प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकता है, खासकर मिडकैप सेगमेंट में.
साप्ताहिक एक्सपायरी पर नियामकीय सख्ती
गौरतलब है कि सेबी के नए दिशानिर्देशों के अनुसार प्रत्येक एक्सचेंज को केवल एक ही बेंचमार्क इंडेक्स पर साप्ताहिक एक्सपायरी की अनुमति है. इस नियम का उद्देश्य फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में अत्यधिक सट्टेबाजी और अनावश्यक अस्थिरता को नियंत्रित करना है.
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