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बैंकिंग सेक्टर में बड़ा कदम, IndusInd Bank में 9.5% हिस्सेदारी खरीदेगा HDFC Bank
RBI की मंजूरी के बाद HDFC बैंक का इंडसइंड बैंक में निवेश न सिर्फ दोनों संस्थानों के लिए रणनीतिक रूप से अहम है, बल्कि यह इंडसइंड बैंक में विश्वास बहाली की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने HDFC बैंक को इंडसइंड बैंक में 9.5 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दे दी है. इस मंजूरी के साथ HDFC बैंक इंडसइंड बैंक का बड़ा और रणनीतिक निवेशक बन सकेगा, जबकि इंडसइंड बैंक हाल के महीनों में वित्तीय और गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों से गुजर रहा है.
एक साल में पूरी करनी होगी हिस्सेदारी खरीद की प्रक्रिया
RBI ने स्पष्ट किया है कि HDFC बैंक को 15 दिसंबर 2025 से एक साल के भीतर हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. तय समयसीमा में निवेश पूरा नहीं होने की स्थिति में यह मंजूरी स्वतः रद्द मानी जाएगी. नियामक की यह शर्त बैंकिंग सेक्टर में समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगाई गई है. HDFC बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसकी ग्रुप कंपनियां भी इस निवेश में शामिल होंगी. इनमें HDFC म्यूचुअल फंड, HDFC लाइफ इंश्योरेंस, HDFC पेंशन फंड और अन्य इकाइयां शामिल हैं. ये सभी मिलकर इंडसइंड बैंक की चुकता शेयर पूंजी या वोटिंग अधिकारों में कुल 9.5 फीसदी तक हिस्सेदारी हासिल कर सकेंगी.
इंडसइंड बैंक पर गवर्नेंस संकट की छाया
इंडसइंड बैंक ने हाल ही में 31 मार्च को समाप्त तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा दर्ज किया था. गवर्नेंस और अकाउंटिंग में गड़बड़ियों के चलते बैंक को करीब 23 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ. इन घटनाओं के बाद बैंक के तत्कालीन CEO सुमंत कथपालिया और डिप्टी CEO अरुण खुराना को पद छोड़ना पड़ा.
निवेशकों ने इंडसइंड बैंक के बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं. आरोप है कि डेरिवेटिव पोर्टफोलियो से जुड़ी अकाउंटिंग गड़बड़ियों को समय रहते सामने नहीं लाया गया, जिससे बैंक के वित्तीय नतीजों पर गंभीर असर पड़ा. बैंक पहले ही 3.47 अरब डॉलर तक की पूंजी जुटाने और प्रमोटरों को बोर्ड में प्रतिनिधित्व देने की योजना का ऐलान कर चुका है.
HDFC बैंक की ब्रांड मजबूती बरकरार
इस बीच, HDFC बैंक ने ब्रांड वैल्यू के मोर्चे पर भी अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है. Kantar BrandZ की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, HDFC बैंक एक बार फिर भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड बन गया है. बैंक की ब्रांड वैल्यू 44.9 अरब डॉलर आंकी गई है, जो 2014 के मुकाबले 377 फीसदी अधिक है.
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