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RBI का बड़ा कदम: क्रेडिट कार्ड यूजर्स को मिलेगी राहत, समय पर बिल चुकाने वालों को होगा फायदा
इस प्रस्ताव के जरिए रिजर्व बैंक का मकसद है कि लोग समय पर कर्ज चुकाने की आदत डालें और बैंकों के पास बेहतर क्रेडिट रिकॉर्ड वाले ग्राहकों के लिए अधिक फंड उपलब्ध हों. इससे अर्थव्यवस्था में कर्ज वितरण का संतुलन भी सुधरेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में जिम्मेदार उधारी को प्रोत्साहित करने और अर्थव्यवस्था में अधिक कर्ज प्रवाह बढ़ाने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया है. नए ड्राफ्ट नियमों के तहत अब बैंकों को अलग-अलग तरह के लोन पर जोखिम (Risk Weightage) का आकलन अधिक बारीकी से करना होगा. इस प्रस्ताव के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड, होम लोन, कॉरपोरेट लोन, रियल एस्टेट लोन और MSME (छोटे व मध्यम उद्योग) लोन के लिए नई पूंजी आवश्यकताओं को निर्धारित किया गया है.
समय पर बिल चुकाने वालों को खास फायदा
अगर कोई क्रेडिट कार्ड यूजर पिछले 12 महीनों में अपने सारे बिल समय पर चुका रहा है, तो उसे “रेगुलेटरी रिटेल पोर्टफोलियो” में शामिल किया जाएगा. ऐसे ग्राहकों के लिए ‘रिस्क वेटेज’ 125% से घटाकर 75% कर दिया जाएगा. इसका मतलब है कि बैंकों को ऐसे ग्राहकों के लिए कम पूंजी रखनी होगी, जिससे उन्हें अच्छे क्रेडिट प्रोफाइल वाले यूजर्स को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी. वहीं, जिन यूजर्स ने समय पर बिल भुगतान नहीं किया है, उनके लिए रिस्क वेटेज 125% ही रहेगा. ये बदलाव अप्रैल 2027 से लागू होंगे.
होम लोन पर नए नियम लागू होंगे
RBI ने हाउसिंग लोन के रिस्क वेटेज को Loan-to-Value (LTV) अनुपात और उधारकर्ता के पास मौजूद मौजूदा होम लोन की संख्या से जोड़ने का प्रस्ताव दिया है.
- दो होम लोन तक के लिए रिस्क वेटेज 20% से 40% के बीच रहेगा.
- तीसरे हाउसिंग लोन पर यह रिस्क वेटेज 60% तक जा सकता है.
- वहीं 3 करोड़ रुपये से ऊपर के लोन पर 5% का अतिरिक्त चार्ज भी लगाया जाएगा.
अभी तक हाउसिंग लोन पर एक जैसा 35-50% का रिस्क वेटेज लागू होता है, जो अब और ज्यादा बारीक तरीके से तय किया जाएगा.
पर्सनल लोन पर सख्ती जारी रहेगी
RBI ने स्पष्ट किया है कि एजुकेशन, हाउसिंग और व्हीकल लोन को छोड़कर अन्य सभी पर्सनल लोन के लिए 125% का रिस्क वेटेज लागू रहेगा.
इस कदम का उद्देश्य बैंकों की लोन देने की क्षमता बढ़ाना और रिस्क मैनेजमेंट को वास्तविक डिफॉल्ट व्यवहार से जोड़ना है.
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