होम / बिजनेस / IEA का बड़ा कदम: 400 मिलियन बैरल तेल जारी करेगा संगठन, भारत ने फैसले का किया स्वागत
IEA का बड़ा कदम: 400 मिलियन बैरल तेल जारी करेगा संगठन, भारत ने फैसले का किया स्वागत
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि IEA के सहयोगी सदस्य और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सहयोग में सक्रिय भागीदार के रूप में भारत इस निर्णय का स्वागत करता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और आपूर्ति संकट के बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने बड़ा फैसला लिया है. एजेंसी ने अपने सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से 400 मिलियन (40 करोड़) बैरल तेल जारी करने की घोषणा की है. इसे IEA के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी तेल रिलीज माना जा रहा है. भारत ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है.
भारत ने जताया समर्थन
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि IEA के सहयोगी सदस्य और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सहयोग में सक्रिय भागीदार के रूप में भारत इस निर्णय का स्वागत करता है. सरकार के अनुसार, वैश्विक तेल आपूर्ति में मौजूदा बाधाओं को देखते हुए यह कदम बाजार में संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
स्थिति पर सरकार की करीबी नजर
केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि वह वैश्विक ऊर्जा बाजार, खासकर मध्य पूर्व में चल रहे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. सरकार के मुताबिक, भारत अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रयासों के अनुरूप वैश्विक बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाने के लिए तैयार है.
IEA की सबसे बड़ी तेल रिलीज
पेरिस स्थित इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने बुधवार को घोषणा करते हुए कहा कि सदस्य देशों के रणनीतिक भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा. यह मात्रा वर्ष 2022 में जारी किए गए लगभग 182.7 मिलियन बैरल तेल से भी काफी अधिक है. उस समय रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद ऊर्जा बाजार में आई अस्थिरता को कम करने के लिए तेल जारी किया गया था.
क्या बोले IEA के कार्यकारी निदेशक
IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा कि मौजूदा समय में तेल बाजार कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है. उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण तेल उत्पादकों को उत्पादन और सप्लाई से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में सदस्य देशों ने मिलकर अभूतपूर्व स्तर पर आपातकालीन कदम उठाने का फैसला किया है.
कई देशों ने भी उठाया कदम
इस फैसले को IEA के 32 सदस्य देशों की मंजूरी मिली है और जी-7 देशों ने भी इसका समर्थन किया है. जर्मनी, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने संकेत दिया है कि वे मौजूदा तेल संकट से निपटने के लिए अपने रणनीतिक भंडार का उपयोग करेंगे. जापान ने तो 16 मार्च से लगभग 80 मिलियन बैरल ईंधन जारी करने की योजना भी घोषित कर दी है.
वैश्विक बाजार पर क्या होगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर तेल जारी किए जाने से वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम हो सकता है. हालांकि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष की स्थिति पर भी बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी. फिलहाल IEA का यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है.
टैग्स