होम / बिजनेस / RBI की डिप्टी गवर्नर का बड़ा अनुमान, FY27 में 7% के करीब पहुंच सकती है भारत की GDP ग्रोथ
RBI की डिप्टी गवर्नर का बड़ा अनुमान, FY27 में 7% के करीब पहुंच सकती है भारत की GDP ग्रोथ
अप्रैल-जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन से पूरे वित्त वर्ष की ग्रोथ RBI के 6.7% के आधिकारिक अनुमान से अधिक रह सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत की आर्थिक वृद्धि वित्त वर्ष 2026-27 में 7 प्रतिशत के करीब पहुंच सकती है और यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मौजूदा 6.7 प्रतिशत के आधिकारिक अनुमान को भी पार कर सकती है. RBI की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने गुरुवार को यह आकलन जताया. उनका अनुमान अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद पर आधारित है. इस तिमाही के आधिकारिक GDP आंकड़े इस महीने के अंत में जारी होने हैं.
पहली तिमाही में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद
रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही के लिए अर्थशास्त्रियों के अनुमान 6.9 प्रतिशत से 8 प्रतिशत के बीच हैं। पूनम गुप्ता ने कहा कि अगर पहली तिमाही का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहता है, तो पूरे वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि 7 प्रतिशत के करीब पहुंच सकती है.
बाहरी चुनौतियों के बावजूद अर्थव्यवस्था मजबूत
पूनम गुप्ता का यह आकलन ऐसे समय आया है जब भारतीय अर्थव्यवस्था को कई बाहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इनमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ, व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता और कमजोर मानसून की आशंका शामिल हैं. इसके बावजूद उन्होंने घरेलू आर्थिक गतिविधियों की मजबूती को रेखांकित किया. RBI ने अगस्त में हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया था. केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा था. RBI ने ऊंची तेल कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े जोखिमों को भी चिह्नित किया है.
लंबे समय में 7.5% या उससे अधिक की संभावना
पूनम गुप्ता ने कहा कि लंबी अवधि में भारत की आर्थिक वृद्धि और मजबूत रह सकती है. अर्थव्यवस्था के लिए सालाना करीब 7.5 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि दर का लक्ष्य संभव हो सकता है. उनके बयान से घरेलू मांग की मजबूती और वैश्विक झटकों को झेलने की भारतीय अर्थव्यवस्था की क्षमता को लेकर भरोसा दिखाई देता है.
बाहरी क्षेत्र और कर्ज की स्थिति पर भी नजर
गुप्ता ने भारत की बेहतर होती बाहरी स्थिति का भी उल्लेख किया. यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं ऊंचे कर्ज और आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रही हैं. अगर भारत की ग्रोथ का रुझान मजबूत बना रहता है, तो देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति बनाए रख सकता है.
हालांकि, पूनम गुप्ता की टिप्पणी RBI के आधिकारिक वृद्धि अनुमान में बदलाव नहीं है. फिलहाल वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.7 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान ही केंद्रीय बैंक का आधिकारिक पूर्वानुमान है. गुप्ता का आकलन इस संभावना को दर्शाता है कि वास्तविक वृद्धि इस अनुमान से बेहतर रह सकती है.
टैग्स