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कैबिनेट का बड़ा फैसला! ‘सार्थक-PDS’ योजना को 5 साल का विस्तार, सरकार खर्च करेगी ₹25,530 करोड़

सरकार इस योजना के तहत PDS सिस्टम को हाई-टेक बनाने की तैयारी कर रही है. योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और ज्यादा पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने ‘सार्थक-PDS’ योजना को मार्च 2031 तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. इस योजना पर अगले पांच वर्षों में केंद्र सरकार ₹25,530 करोड़ खर्च करेगी. सरकार का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को तकनीक से जोड़कर अधिक प्रभावी, पारदर्शी और लोगों के लिए सुविधाजनक बनाना है.

कैबिनेट ने दी योजना विस्तार को मंजूरी

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्निनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने ‘स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन PDS’ यानी ‘सार्थक-PDS’ योजना को मंजूरी दे दी है. यह योजना मार्च 2031 तक लागू रहेगी और 16वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान संचालित की जाएगी. सरकार ने इस योजना के लिए केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में ₹25,530 करोड़ का प्रावधान किया है.

दो बड़ी योजनाओं को मिलाकर बनाया गया नया ढांचा

सरकार ने ‘सार्थक-PDS’ को एक अम्ब्रेला स्कीम के रूप में तैयार किया है, जिसमें दो प्रमुख योजनाओं को एकीकृत किया गया है. इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्यों के भीतर खाद्यान्न परिवहन और उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों को सहायता देने वाली योजना शामिल है. इसके साथ ही SMART-PDS योजना को भी इसमें जोड़ा गया है, जो तकनीकी सुधारों और ऑटोमेशन पर केंद्रित थी. सरकार का मानना है कि दोनों योजनाओं के एकीकरण से राशन वितरण प्रणाली ज्यादा मजबूत और प्रभावी बनेगी.

राशन पहुंचाने में राज्यों को मिल रही थी दिक्कत

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कई राज्य सरकारों की एजेंसियों को भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बड़े गोदामों से जिलों और राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है, ताकि राशन परिवहन और हैंडलिंग की लागत को आसानी से पूरा किया जा सके.

AI और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का होगा इस्तेमाल

सरकार इस योजना के तहत PDS सिस्टम को हाई-टेक बनाने की तैयारी कर रही है. योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. इन तकनीकों की मदद से राशन वितरण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी. साथ ही शिकायतों का तेजी से समाधान किया जा सकेगा और सिस्टम में गड़बड़ियों व भ्रष्टाचार को कम करने में मदद मिलेगी.

राज्यों में बनेंगे कमांड एंड कंट्रोल सेंटर

योजना के तहत राज्यों में आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा एकीकृत डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा, जिससे पूरे PDS नेटवर्क की निगरानी आसान होगी. सरकार का दावा है कि इससे राशन वितरण प्रणाली अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी.

गरीबों तक आसान और पारदर्शी राशन पहुंचाना लक्ष्य

‘सार्थक-PDS’ योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न वितरण को अधिक सुगम बनाना है. सरकार चाहती है कि राशन वितरण में देरी, गड़बड़ी और फर्जीवाड़े जैसी समस्याओं को तकनीक की मदद से कम किया जाए. नई व्यवस्था के लागू होने से करोड़ों लाभार्थियों को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है.
 


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