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इंडिया AI समिट में बड़ा ऐलान: नवनीत एजुकेशन और IIT गांधीनगर के बीच AI शिक्षा पर समझौता

दोनों संस्थान मिलकर राष्ट्रीय स्तर का AI हैकाथॉन आयोजित करेंगे. इसका उद्देश्य छात्रों को केवल तकनीक का उपभोक्ता बनने से आगे बढ़ाकर AI आधारित समाधान विकसित करने वाला सक्रिय निर्माता बनाना है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

नवनीत एजुकेशन (Navneet Education) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (IIT) के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते की घोषणा दिल्ली में आयोजित IndiaAI 2026 Summit के दौरान की गई. यह साझेदारी स्कूलों में AI साक्षरता को बढ़ावा देने, शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और छात्रों के लिए नवाचार आधारित कार्यक्रम विकसित करने की दिशा में एक संगठित ढांचा तैयार करेगी.

शिक्षक-केंद्रित रणनीति से AI शिक्षा को बढ़ावा

नवनीत, जो लंबे समय से ‘टीचर-फर्स्ट’ सोच के साथ शिक्षा क्षेत्र में काम कर रहा है, इस पहल के जरिए कक्षा में AI लागू होने से पहले शिक्षकों को सक्षम बनाने पर जोर दे रहा है. फिलहाल Navneet AI देश के 14 राज्यों में 500 से अधिक स्कूलों और 2,000 से ज्यादा शिक्षकों तक पहुंच बना चुका है. यह साझेदारी उद्योग और अकादमिक जगत को जोड़कर AI शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और सुलभ बनाने का प्रयास करेगी.

साझेदारी के पांच प्रमुख स्तंभ

1. शिक्षक उन्नयन और AI क्षमता निर्माण

IIT गांधीनगर के फैकल्टी और नामित विशेषज्ञ स्कूल शिक्षकों के लिए वर्चुअल AI प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे. इन सत्रों में AI की जटिल अवधारणाओं को सरल बनाकर व्यावहारिक समझ विकसित की जाएगी और शिक्षकों को AI से जुड़ी उभरती करियर संभावनाओं से परिचित कराया जाएगा.

2. AI पाठ्यसामग्री का प्रमाणीकरण

नवनीत स्कूल शिक्षा के लिए AI से संबंधित पुस्तकें और अध्ययन सामग्री तैयार करेगा. IIT गांधीनगर के विशेषज्ञ इस सामग्री की शैक्षणिक सटीकता, पद्धति और अवधारणात्मक ढांचे की समीक्षा कर उसे प्रमाणित करेंगे. इसके साथ ही अध्ययन सामग्री में एक विशेष ‘IIT गांधीनगर कॉर्नर’ भी होगा, जहां संस्थान के विशेषज्ञ विचार और अकादमिक अंतर्दृष्टि साझा की जाएगी.

3. छात्र आउटरीच कार्यक्रम

कक्षा 3 से 10 तक के छात्रों के लिए हर वर्ष वर्चुअल AI प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. यह प्रशिक्षण IIT गांधीनगर के छात्रों द्वारा दिया जाएगा, जिससे स्कूली बच्चों को जिम्मेदार AI निर्माता और नवप्रवर्तक बनने की दिशा में शुरुआती मार्गदर्शन मिलेगा.

4. Navneet प्रोडक्ट लैब्स: AI और ऑटोमेशन

यह पहल वास्तविक इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग का उदाहरण होगी. नवनीत IIT गांधीनगर के छात्रों के सामने वास्तविक बिजनेस समस्याएं रखेगा, जिन पर वे AI और संबंधित तकनीकों के माध्यम से समाधान विकसित करेंगे. कंपनी के मेंटर्स छात्रों को जटिल प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करने की दिशा में मार्गदर्शन देंगे.

5. राष्ट्रीय स्तर का AI हैकाथॉन

दोनों संस्थान मिलकर राष्ट्रीय स्तर का AI हैकाथॉन आयोजित करेंगे. इसका उद्देश्य छात्रों को केवल तकनीक का उपभोक्ता बनने से आगे बढ़ाकर AI आधारित समाधान विकसित करने वाला सक्रिय निर्माता बनाना है.

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

नवनीत एजुकेशन के प्रेसिडेंट (CBSE और EdTech) हर्षिल गाला ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की अनिवार्य कौशल बनती जा रही है. IIT गांधीनगर के साथ यह समझौता AI शिक्षा को संरचित, विश्वसनीय और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि असली बदलाव शिक्षकों को सशक्त बनाने से शुरू होता है.

IIT गांधीनगर के डीन (एक्सटर्नल रिलेशंस) प्रोफेसर अमित प्रशांत ने कहा कि AI शिक्षा की शुरुआत शुरुआती स्तर से होनी चाहिए और मजबूत बुनियादी समझ पर आधारित होनी चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह साझेदारी जिम्मेदार और जागरूक भविष्य के नवप्रवर्तकों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी.

स्कूल शिक्षा के जरिए राष्ट्र निर्माण की दिशा में कदम

इस MoU के जरिए नवनीत ने स्कूल शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के अपने संकल्प को दोहराया है. कक्षा तक पहुंच और अकादमिक गहराई को साथ लाकर यह साझेदारी भारत के स्कूलों में जिम्मेदार AI शिक्षा की मजबूत नींव रखेगी और तकनीकी प्रगति के केंद्र में शिक्षकों की भूमिका को और सशक्त बनाएगी.
 


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