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238 फीसदी बढ़ा BharatNet का बजट, हर गांव तक हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचना सरकार का लक्ष्य

बजट 2025 में सरकार ने BharatNet के बजट में 238 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की है, जिससे यह 22,000 करोड़ रुपये हो गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच को बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, भारत सरकार का उद्देश्य हर गांव तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना है, जिसके लिए ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग किया जा रहा है. ऐसे में सरकार ने शनिवार को आम बजट 2025 में BharatNet के लिए आवंटित राशि में 238 प्रतिशत की बढ़ोतरी करके इसे 22,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जा सके. इस परियोजना का उद्देश्य न केवल इंटरनेट की पहुंच बढ़ाना है, बल्कि सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं को भी हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ना है. सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है. 

सस्ता डेटा पहुंचने की कोशिश
दरअसल आज के वक्त में इंटरनेट डेटा की खपत तेजी से बढ़ रही है, ऐसे वक्त में इंटरनेट डेटा की कीमत में भी इजाफा देखने को मिला है. यही वजह है कि सरकार हर गांव तक सस्ता और हाई स्पीड इंटरनेट डेटा पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है. बता दें कि केंद्रीय बजट में भारतनेट प्रोजेक्ट के लिए 220 अरब रुपये यानी 22,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो वित्त वर्ष 2025 में 65 अरब यानी 65,00 करोड़ ररुपये था. हालांकि सरकार ने इस बजट में इस बार बेतहाशा बढ़ोतरी की है, जिससे जल्दी से जल्दी स्कूल और हेल्थ केयर सर्विस को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ा जा सके. मौजूदा वक्त में करीब 1 मिलियन सरकारी है. जबकि भारतनेट-1/2 में 2,14,323 ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए 420 अरब आवंटित किये गये थे.

हाई स्पीड इंटरनेट से जुड़ेंगे गांव
एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार का यह कदम ऑप्टिकल फाइबर केबल और टेलिकॉम इक्विपमेंट के लिए सकरात्मक कदम है. BharatNet को 25 अक्टूबर, 2011 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूरी दी गई थी. यह सरकार का ड्रीप प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद देश भर में प्रत्येक ग्राम पंचायत और गांव को हाई स्पीड और अफोर्डेबल इंटरनेट से कनेक्ट किया जा सके.

2 लाख पंचायतों तक कनेक्टिविटी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 13 जनवरी, 2025 तक भारतनेट परियोजना से 2,14,323 ग्राम पंचायत को जोड़ा जा चुका है और 6,92,676 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है. इसके अलावा 12,21,014 फाइबर-टू-द-होम (एफटीटीएच) कनेक्शन चालू किए गए हैं और अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए 1,04,574 वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए गए हैं.

'भारतनेट के लिए सालाना आवंटन को तीन गुना बढ़ाकर 22,000 करोड़ रुपये करना और योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार, कम पहुंच वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंच प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. यह पहल दूरसंचार कंपनियों के लिए 1.5 लाख संभावित ग्राहकों का एक पता योग्य बाजार प्रस्तुत करती है. नवंबर 2024 तक ब्रॉडबैंड की पहुंच 900 मिलियन मोबाइल डिवाइस उपयोगकर्ताओं की तुलना में 46 मिलियन ग्राहकों तक सीमित होने के साथ, भारत में अभी भी विकास की महत्वपूर्ण गुंजाइश है. सरकार का यह निर्णय डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. भारतनेट के तहत ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार से दूरसंचार कंपनियों के लिए 1.5 लाख संभावित ग्राहकों का एक बड़ा और सुलभ बाजार तैयार होगा'.  -आनंद कुलकर्णी , डायरेक्टर, क्रिसिल रेटिंग्स लिमिटेड 

 


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