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Stock Split करने वालों की लिस्ट में अब शामिल होगा इस कंपनी का नाम

अगले महीने Bhagiradha Chemicals के बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें स्टॉक स्प्लिट का फैसला लिया जाएगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अपने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने के बाद Bhagiradha Chemicals एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. कंपनी अपने शेयरों का बंटवारा कर सकती है, यानी वो स्टॉक स्प्लिट करने वाली है. 5 मार्च को कंपनी के बोर्ड की मीटिंग है और इसी में स्टॉक स्प्लिट को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा.  कंपनी के शेयरों का भाव इस समय 1600 रुपए के ऊपर चल रहा है और शुक्रवार को इनमें उछाल देखने को मिला था. 

ऐसा रहा है स्टॉक का प्रदर्शन 
इस सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को Bhagiradha Chemicals & Industries Ltd का शेयर 1.78% की तेजी के साथ 1,639.40 रुपए पर बंद हुए थे. पिछले 5 कारोबारी सत्रों में ये शेयर 5.91% और एक महीने में 10.97% ऊपर चढ़ चुका है. पिछले एक साल के प्रदर्शन की बात करें, तो इसने अपने निवेशकों को 56.83% का रिटर्न दिया है. कंपनी का 52 वीक हाई का हाई लेवल 1730 रुपए और लो लेवल 1000 रुपए है. 

कंपनी देती रही है डिविडेंड
Bhagiradha Chemicals का मार्केट कैप 1695.57 करोड़ रुपए है. कंपनी अपने निवेशकों को डिविडेंड भी देती रही है. जुलाई 2023 में कंपनी ने 1 शेयर पर 3 रुपए का डिविडेंड दिया था. इससे पहले 2022 में भी प्रति शेयर 3 रुपए डिविडेंड दिया गया था. डिविडेंड की बात करें, तो हर कंपनी मुनाफा कमाने के लिए काम करती है. कई कंपनियां अपने मुनाफे में अपने शेयरहोल्डर्स को भी हिस्सेदारी मानती हैं, ऐसे में जब कोई कंपनी साल भर में कमाए गए अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयरहोल्डर्स में बांटती है तो उसे ही डिविडेंड कहते हैं. हालांकि कई बार ऐसे भी होता है कि कंपनियां मुनाफे की बजाय सरप्लस कैश से भी शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड बांटती हैं.

क्या होता है स्टॉक स्प्लिट?
चलिए अब यह भी जान लेते हैं कि स्टॉक स्प्लिट यानी शेयरों का बंटवारा क्या होता है. इस प्रक्रिया के तहत कंपनी स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करके एक निर्धारित तिथि पर अपने शेयरों को एक निश्चित अनुपात में बांट देती है. जैसे कि कुछ वक्त पहले नेस्ले ने 1:10 के रेश्यो में बंटवारे को अंजाम दिया. जिस अनुपात में कंपनी स्टॉक स्प्लिट करती है, उसी अनुपात में शेयरहोल्डर्स के शेयरों में बदलाव हो जाता है. उदाहरण के तौर पर, यदि आपके पास किसी कंपनी के 400 शेयर हैं और कंपनी स्टॉक स्प्लिट लाकर 1 शेयर को 2 में तोड़ देती है, तो आपके पास कंपनी के 800 शेयर हो जाएंगे. हालांकि, इससे उसकी निवेश की वैल्यू पर कोई असर नहीं होगा.  

क्यों पड़ती है इसकी जरूरत?
जब कंपनी के शेयर की डिमांड काफी ज्यादा होती है, लेकिन उसकी कीमत के चलते छोटे निवेशक ना चाहते हुए भी दूरी बना लेते हैं, तो कंपनी स्टॉक स्प्लिट करती है. इस प्रक्रिया से महंगा शेयर सस्ता हो जाता है और छोटे निवेशक आसानी से निवेश कर सकते हैं. कुल मिलाकर कहें तो कोई कंपनी स्टॉक स्प्लिट केवल इसलिए करती है, ताकि छोटे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके. क्या स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के मार्केट कैप पर भी कोई असर पड़ता है? इस सवाल का जवाब है - ना. चलिए इसे एक उदाहरण के जरिए समझते हैं. पिज्जा अक्सर 4 टुकड़ों में विभाजित होता है, लेकिन यदि आप छह लोग खाने वाले हों तो आप अपने हिसाब से उसे छह हिस्सों में भी बांट सकते हैं. क्या आपके ऐसा करने से पिज्जा का साइज घट या बढ़ जाएगा? निश्चित तौर पर नहीं. ठीक इसी तरह, स्टॉक स्प्लिट से केवल शेयर के टुकड़े होते हैं, इससे कंपनी के मार्केट कैप पर कोई असर नहीं पड़ता. बस शेयरों की संख्या बढ़ जाती है. 
 


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