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Cipla को खरीदने साथ आएंगी ये दो बड़ी कंपनियां?
दोनों कंपनियों के एडवाइजर भी मिले थे और Cipla को खरीदे जाने के लिए रणनीति भी तैयार की थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
अमेरिकी कंपनी बैन कैपिटल (Bain Capital) ने हाल ही में डॉक्टर रेड्डी लैबोरेट्रीज (DRL) से संपर्क किया है और यह संपर्क, फार्मास्यूटिकल कंपनी सिप्ला (Cipla) के प्रमोटर्स से कंपनी को खरीदने के लिए किया गया है. आपको बता दें कि फार्मास्यूटिकल कंपनी सिप्ला के प्रमोटर्स हामिद परिवार हैं.
DRL उठा रही है मामले का फायदा
मामले से जुड़े लोगों की मानें तो पिछले हफ्ते दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अफसरों के बीच एक बैठक हुई थी. इस बैठक के दौरान दोनों कंपनियों के एडवाइजर भी मिले थे और Cipla को खरीदे जाने के लिए रणनीति भी तैयार की थी. माना जा रहा है कि DRL इस मौके का फायदा उठा रही है और टोरेंट फार्मा (Torrent Pharma) के साथ मिलकर भी बातचीत कर रही है. आपको बता दें कि 88 साल पुरानी कंपनी सिप्ला में हामीद परिवार की हिस्सेदारी खरीदने के लिए Blackstone और BPEA-EQT के खिलाफ टोरेंट ने भी बोली लगाई है.
भारत को भी होगा डील से फायदा
बैन कैपिटल (Bain Capital) उन प्राइवेट इक्विटी फंड्स में से एक है जिनके साथ मिलकर टोरेंट फार्मा 8300 करोड़ रुपए जितनी राशि इकठ्ठा करने के लिए बातचीत कर रहा है. टोरेंट फार्मा का प्लान है कि वह एक वित्तीय प्लान के माध्यम से 7 बिलियन से ज्यादा का बायआउट करेगी और यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा बायआउट होगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर DRL इस डील में भाग लेती है तो न सिर्फ बोली में मुकाबले को बढ़ावा मिलेगा बल्कि डील के बाद बनी इकाई एक प्रमुख भारतीय फार्मा कंपनी के रूप में भी उभरेगी. अमेरिका और अन्य उभरती हुई मार्केटों में भी यह कंपनी काफी महत्त्वपूर्ण स्तर प्राप्त करेगी. इतना ही नहीं, इस कंपनी को Sun Pharma जैसी जानी मानी कंपनी के विरोधी के रूप में भी सामने आएंगे.
DRL के सामने ये होगी समस्या
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रमोटर के रूप में DRL की कम हिस्सेदारी की वजह से इस अधिग्रहण में उसको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. फिलहाल DRL के प्रमोटर्स यानी सतीश रेड्डी और GV प्रसाद एवं परिवार के पास कंपनी की 26.69% हिस्सेदारी मौजूद है. वहीँ दूसरी तरफ टोरेंट के फाउंडर सुधीर एवं सुधीर मेहता परिवार की बात करें तो एक प्रमोटर के रूप में उनके पास कंपनी की 71.25% हिस्सेदारी मौजूद है.
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