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देश की इकोनॉमी के लिए आई बुरी खबर, व्यापार घाटे में हुआ इजाफा! सरकार ने जारी किए आंकड़े

Export और Import का डाटा किसी भी देश की इकोनॉमी का काफी महत्वपूर्ण हिस्सा है. अगर एक्सपोर्ट कम और इंपोर्ट ज्यादा तो यह उस देश की इकोनॉमी के लिए काफी खराब संकेत है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

देश की इकोनॉमी को लेकर एक बुरी खबर आई है. सरकार की ओर से निर्यात (Export) और आयात (Import) के आंकड़े जारी किए हैं, जोकि देश की इकोनॉमी के लिए बुरे संकेत हैं. इन आंकड़ों की वजह से देश के रुपए में और भी गिरावट देखने को मिल सकती है और शेयर बाजार को भी नुकसान हो सकता है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर महीने में देश का एक्सपोर्ट घट गया और इंपोर्ट में बढ़ोतरी हुई है.  इसका मतलब है कि भारत के ट्रेड डेफिसिट में इजाफा और भी बढ़ गया है, जो देश की इकोनॉमी के लिए अच्छे संकेत नहीं है.  बता दें, किसी देश में अगर एक्सपोर्ट ज्यादा और इंपोर्ट कम तो यह उस देश की इकोनॉमी के लिए अच्छा होता है और साथ ही देश के विदेशी पूंजी भंडार में इजाफा होता है. अगर इसके विपरीत आंकड़े है को देश की इकोनॉमी के काफी खराब संकेत हैं.तो आइए सरकार के इन आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं. 

एक्सपोर्ट में इतनी गिरावट
सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश का वस्तु एक्सपोर्ट दिसंबर, 2024 में सालाना आधार पर करीब एक प्रतिशत घटकर 38.01 अरब डॉलर रह गया. दिसंबर, 2023 में यह आंकड़ा 38.39 अरब डॉलर रहा था. अगर बात नवंबर महीने की करें तो भारत का वस्तुओं का एक्सपोर्ट 32.11 बिलियन डॉलर देखा गया था, जो नवंबर 2023 में 33.75 बिलियन डॉलर से कम था. वहीं दूसरी ओर इंपोर्ट की बात करें तो भारत के इंपोर्ट में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर, 2024 में इंपोर्ट सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत बढ़कर 59.95 अरब डॉलर हो गया. दिसंबर, 2023 में यह 57.15 अरब डॉलर रहा था. राहत की बात ये है कि नवंबर 2024 के मुकाबले में ये आंकड़ा काफी कम है. नवंबर के महीने में भारत का इंपोर्ट 69.95 बिलियन डॉलर देखने को मिला था. जोकि नवंबर 2023 के मुकाबले में 27.47 प्रतिशत ज्यादा था.

दिसंबर में व्यापार घाटे में इजाफा
दिसंबर के एक्सपोर्ट और इंपोर्ट में काफी अंतर देखने को मिल रहा है. आंकड़ों के अनुसार दिसंबर के महीने में व्यापार घाटा यानी आयात व निर्यात के बीच का अंतर 21.94 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है. मौजूदा वित्त वर्ष की बात करें तो आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में निर्यात 1.6 फीसदी बढ़कर 321.71 अरब डॉलर और इंपोर्ट 5.15 फीसदी बढ़कर 532.48 अरब डॉलर रहा है. इसका मतलब है कि ट्रेड डेफिसिट मौजूदा वित्त वर्ष में 210.77 अरब डॉलर देखने को मिल रहा है.

 


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