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भारत की इकॉनोमिक स्थिरता के लिए जरूरी है वेयरहाउस का ऑटोमेशन!

भारत की कुल GDP (सकल घरेलु उत्पाद) में लगभग 14% हिस्सा भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर का होता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अग्रणी ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म ‘अल्वारेज एंड मार्सल (Alvarez & Marsal)’ के द्वारा आज एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई. इस रिपोर्ट का नाम ‘Building Warehousing Competitiveness: Automation and Beyond’ है और यह रिपोर्ट प्रमुख रूप से भारत में गोदामों और उनके ऑटोमेशन से संबंधित है. अल्वारेज एंड मार्सेल ने यह रिपोर्ट CII इंस्टिट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स द्वारा आयोजित की गई एक दिन की कांफ्रेंस के दौरान रिलीज की है. 

वेयरहाउस ऑटोमेशन हो रहा मैच्योर
आपको बता दें कि भारत की कुल GDP (सकल घरेलु उत्पाद) में 14% हिस्सा भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर का है. इतना ही नहीं, इस सेक्टर का CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) 9-10% है और इससे हमें पता चलता है कि भारत के वेयरहाउस सिस्टम को ऑटोमेशन की क्या जरूरत है और अल्वारेज एंड मार्सल (Alvarez & Marsal) द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में भी इसी विषय पर गहन चर्चा की गई है. वेयरहाउस ऑटोमेशन विभिन्न फैक्टर्स की बदौलत काम करता है और ऑपरेशनल समस्याएं, मांग और आधुनिकता की जरूरत जैसे कारक भी ऑटोमेशन के लिए आवश्यक हैं. वेयरहाउस के ऑपरेशंस में ऑटोमेटेड तकनीकों और प्रक्रियाओं को अपनाए जाने से पता चलता है कि वेयरहाउस ऑटोमेशन में बढ़ोत्तरी हो रही है. रिपोर्ट में लेवल 0 से लेकर लेवल 4 तक ऑटोमेशन मैच्योरिटी के बारे में बताया गया है. यहां लेवल 0 का मतलब पूरी तरह से मैन्युअल वेयरहाउस और लेवल 4 का मतलब एंड-टू-एंड ऑटोमेशन है. 

सही संतुलन है जरूरी
रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल भारत में मौजूद वेयरहाउसों का ऑटोमेशन अलग-अलग स्तर पर है और आमतौर पर वेयरहाउस लेवल 0 से लेवल 2 के बीच आते हैं. इन सभी वेयरहाउसों में लेवल 3 जितनी आइलैंड ऑटोमेशन बहुत ही असामान्य हैं और इससे पता चलता है कि भारत में वेयरहाउसों के ऑटोमेशन की आवश्यकता अत्यंत जरूरी है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि साल 2030 तक भारत के 80% वेयरहाउस ऑटोमेटेड हो जायेंगे. इसके साथ ही रिपोर्ट में भारत के वेयरहाउसों की यात्रा के महत्त्व के बारे में भी बात की गई है और मानव एवं मशीन के बीच एक संतुलन बनाये जाने के बारे में भी कहा गया है. रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि भारत में वेयरहाउसों का ऑटोमेशन बहुत ही अलग होगा क्योंकि देश में मानव और मशीन के बीच बिल्कुल सही संतुलन ढूंढना होगा. 

इकॉनोमिक स्थिरता और ऑटोमेशन
अल्वारेज एंड मार्सल (Alvarez & Marsal) के मैनेजिंग डायरेक्टर और भारतीय कारोबार ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज प्रैक्टिस के को-लीड मनीश सैगल ने इस मौके पर कहा कि लागत की जांच करते हुए वेयरहाउसिंग की जरूरतों के लिए ऑटोमेशन तकनीकों को लागू करना इकॉनमी की स्थिरता के लिए जरूरी है. ऑटोमेशन से क्षमता बढ़ती है और इंसानी गलती के मौके कम हो जाते हैं. संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा चुनी गई तकनीक उनके रणनीतिक लक्ष्यों और ऑपरेशनल जरूरतों के अनुरूप हो.
 

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