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AI Impact Summit 2026 में भारत–फ्रांस ने रिश्तों को दी नई ऊंचाई, रक्षा और AI सहयोग हुआ मजबूत
संयुक्त बयान में कहा गया कि “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” की स्थापना से द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जो दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगा और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत और फ्रांस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक उन्नत करने पर सहमति जताई है. यह फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की नई दिल्ली यात्रा और AI Impact Summit 2026 में भागीदारी के दौरान लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों के बीच हुई वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि उन्नत साझेदारी आने वाले दशकों में सहयोग की दिशा तय करेगी और 2023 में अपनाए गए Horizon 2047 रोडमैप पर आधारित होगी, जब दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए थे. दोनों नेताओं ने आर्थिक सुरक्षा, वैश्विक मुद्दों और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों की समीक्षा के लिए वार्षिक विदेश मंत्रियों के व्यापक संवाद की भी स्थापना की.
परमाणु और ऊर्जा सहयोग को मजबूती
नागरिक परमाणु ऊर्जा इस उन्नत साझेदारी का प्रमुख स्तंभ बनकर उभरी है. मैक्रों ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के भारत के लक्ष्य और निजी निवेश को अनुमति देने वाले हालिया सुधारों की सराहना की. दोनों देशों ने अनुसंधान, कौशल विकास और औद्योगिक उपयोग सहित पूरे परमाणु मूल्य श्रृंखला में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. महाराष्ट्र में प्रस्तावित जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना पर जारी चर्चाओं का भी उल्लेख किया गया.
साथ ही, छोटे और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR/AMR) के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने और फ्रांस के परमाणु ऊर्जा आयोग (CEA) तथा भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग के बीच अनुसंधान सहयोग की संभावनाओं पर विचार करने का निर्णय लिया गया. हरित और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की जरूरत को देखते हुए, दोनों देशों ने खोज, निष्कर्षण, प्रसंस्करण और रीसाइक्लिंग तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई.
AI और तकनीकी साझेदारी को नया आयाम
मैक्रों ने AI Impact Summit 2026 की मेजबानी के लिए भारत को बधाई दी. इससे पहले फरवरी 2025 में पेरिस में दोनों नेताओं की सह-अध्यक्षता में AI Action Summit आयोजित किया गया था. भारत–फ्रांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस घोषणा को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने सुरक्षित, भरोसेमंद और जनहित केंद्रित AI को बढ़ावा देने तथा वैश्विक AI असमानता को कम करने का संकल्प दोहराया.
दोनों देशों ने 2026 को “भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष” के रूप में मनाने की घोषणा की, जिसके तहत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, साइबरस्पेस, स्वास्थ्य, सतत विकास और रचनात्मक अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाया जाएगा. इसके अलावा, स्टार्टअप, व्यवसाय और अनुसंधान संस्थानों को जोड़ने के लिए “भारत–फ्रांस इनोवेशन नेटवर्क” की शुरुआत का स्वागत किया गया.
वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर समन्वय
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के मुद्दे पर फ्रांस ने भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन दोहराया. दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय बढ़ाने और सुरक्षा परिषद सुधार पर अंतर-सरकारी वार्ताओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया. मैक्रों ने 2026 में फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मोदी को आमंत्रित किया, जिसे मोदी ने स्वीकार किया.
दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध पर चिंता जताते हुए शत्रुता समाप्त करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप न्यायसंगत एवं स्थायी शांति की अपील की. गाजा के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित शांति योजना और दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन को भी दोहराया गया.
आतंकवाद की सभी रूपों में कड़ी निंदा करते हुए मैक्रों ने अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले और नवंबर 2025 में नई दिल्ली के लाल किले के पास हुई घटना की निंदा की. दोनों देशों ने आतंक वित्तपोषण के खिलाफ सहयोग बढ़ाने और मई 2026 में फ्रांस में होने वाले “नो मनी फॉर टेरर” सम्मेलन के समर्थन का संकल्प लिया.
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