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अमेरिका के 15% फ्लैट टैरिफ से एशिया-प्रशांत को मिल सकता है फायदा: मूडीज
मूडीज एनालिटिक्स ने कहा कि कोर्ट का निर्णय अमेरिका की देश-विशिष्ट टैरिफ लागू करने की क्षमता को सीमित कर सकता है, जिससे व्यापार वार्ता में अमेरिकी लेवरेज कम हो सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
मूडीज एनालिटिक्स (Moody's) ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका द्वारा प्रस्तावित समान 15% टैरिफ कुछ एशिया-प्रशांत देशों के लिए राहत का अवसर पेश कर सकता है, जो पहले देश-विशिष्ट उच्च टैरिफ दरों के अधीन थे. हालांकि, फर्म ने चेतावनी दी कि अमेरिकी व्यापार नीति के आसपास अनिश्चितता अभी भी उच्च बनी हुई है.
चीन और दक्षिण पूर्व एशिया को लाभ की संभावना
मूडीज एनालिटिक्स के बयान के अनुसार, अगर वाशिंगटन 15% फ्लैट टैरिफ लागू करता है तो चीन और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों को अपेक्षाकृत लाभ हो सकता है. इसके विपरीत, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान (चीन) पर इसका प्रभाव सीमित रहेगा क्योंकि इन बाजारों में मौजूदा बेस टैरिफ पहले से ही लगभग 15% है.
फर्म ने कहा, “काफी अनिश्चितता है, लेकिन एक चीज स्पष्ट है. 15% का समान टैरिफ उन एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभदायक होगा, जिन पर पहले अधिक देश-विशिष्ट टैरिफ लगाया गया था.”
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का हालिया निर्णय और प्रभाव
यह टिप्पणियां उस समय आई हैं जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के देश-विशिष्ट टैरिफ पर रोक लगाई. कोर्ट के फैसले के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर अस्थायी 10% टैरिफ लगाया और बाद में इसे 15% तक बढ़ाने की योजना का संकेत दिया. मूडीज़ ने कहा कि इस प्रस्तावित वृद्धि के लिए अभी तक कोई औपचारिक आदेश या घोषणा नहीं हुई है.
फर्म ने यह भी कहा कि कोर्ट के निर्णय ने भारत और इंडोनेशिया के साथ हाल ही में किए गए व्यापार समझौतों पर भी संदेह पैदा किया है. भारत को रूसी तेल की खरीद कम करने की समय-सीमा और इंडोनेशिया से टैरिफ-मुक्त वस्त्र निर्यात की मात्रा जैसी महत्वपूर्ण बातें अभी तक अनसुलझी हैं. इस कारण भारत ने वाशिंगटन में प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना को भी स्थगित कर दिया है.
अमेरिका की देश-विशिष्ट टैरिफ क्षमता पर प्रभाव
मूडीज एनालिटिक्स ने कहा कि कोर्ट का निर्णय अमेरिका की देश-विशिष्ट टैरिफ लागू करने की क्षमता को सीमित कर सकता है, जिससे व्यापार वार्ता में अमेरिकी लेवरेज कम हो सकता है. यह आगामी कूटनीतिक बैठकों, जैसे ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक पर भी प्रभाव डाल सकता है.
फर्म ने कहा कि कानूनी बाधा के बावजूद, अमेरिकी प्रशासन टैरिफ स्तर को समायोजित करने के वैकल्पिक कानूनी रास्तों की तलाश करेगा. “हम उम्मीद करते हैं कि ट्रंप अन्य कानूनी रास्तों का उपयोग कर टैरिफ बढ़ाएंगे, और यह असामान्य नहीं होगा कि अमेरिकी टैरिफ शुक्रवार से पहले जैसी स्थिति के करीब पहुँच जाएं.”
व्यापार और कंपनियों के लिए चेतावनी
मूडीज़ एनालिटिक्स ने चेतावनी दी कि भले ही टैरिफ दरें पहले के स्तर से कम होकर स्थिर हों, लेकिन व्यापार में अनिश्चितता और लॉजिस्टिक व्यवधान जारी रह सकते हैं. कंपनियां पहले से चुकाए गए टैरिफ की भरपाई के लिए कदम उठा सकती हैं, जो विवादास्पद और समय लेने वाली प्रक्रिया हो सकती है.
साथ ही, फर्म ने कहा कि आयातक यदि इस निर्णय को अस्थायी राहत मानें, तो शिपमेंट्स की अग्रिम ढुलाई (front-loading) फिर से बढ़ सकती है. मूडीज़ ने व्यवसायों और नीति निर्माताओं से कहा कि उन्हें अमेरिकी व्यापार नीति में संभावित उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए.
इस तरह, अमेरिका का प्रस्तावित 15% फ्लैट टैरिफ एशिया-प्रशांत के लिए अवसर और अनिश्चितता दोनों लेकर आया है, और कंपनियों तथा नीति निर्माताओं को सतर्क रहने की जरूरत है.
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