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अशोक लेयलैंड का यूपी में पहला EV प्लांट: वैश्विक शीर्ष 10 में शामिल होने का लक्ष्य

हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन का कहना है कि उत्तर प्रदेश की नई EV फैक्ट्री कंपनी की विकास और वैश्विक विस्तार रणनीति में मील का पत्थर है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

अशोक लेयलैंड ने उत्तर प्रदेश में अपनी पहली इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का उद्घाटन किया है, जिसे हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने “कंपनी के वैश्विक विस्तार और भारत में निवेश के लिए मील का पत्थर” करार दिया है. इस प्लांट से कंपनी का लक्ष्य दुनिया के शीर्ष 10 कमर्शियल वाहन निर्माताओं में शामिल होना है. 5,000 वाहनों की वार्षिक क्षमता वाली इस फैक्ट्री को केवल 14 महीनों में जमीन अधिग्रहण से उत्पादन तक तैयार किया गया है. इसमें इलेक्ट्रिक, वैकल्पिक ईंधन और उभरती हुई प्रोपल्शन तकनीकों वाले वाहन उत्पादित किए जाएंगे, जिससे यह पूरी तरह भविष्य के लिए तैयार सुविधा बन गई है. इस फैक्ट्री का उद्घाटन शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया. समारोह में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे.

यूपी का इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक माहौल आकर्षक

धीरज हिंदुजा ने राज्य के बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और उत्तरदायी प्रशासन की प्रशंसा की. उनका कहना था कि ये कारक उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाते हैं. उन्होंने अशोक लेयलैंड की 1948 में स्थापना से लेकर आज तक की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी ने हमेशा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के समर्थन में और लोगों व माल की आवाजाही को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हिंदुजा ने आगे कहा, “हमारा दृष्टिकोण है कि हम वैश्विक शीर्ष 10 कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनियों में शामिल हों. इसके लिए हम तकनीकी नेतृत्व पर ध्यान केंद्रित करेंगे ताकि हमारे उत्पाद भविष्य के लिए तैयार और वैश्विक प्रतिस्पर्धी बने रहें.”

अंतरराष्ट्रीय विस्तार और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी

अशोक लेयलैंड वर्तमान में 50 से अधिक देशों में सक्रिय है, जो इसके अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाता है. अपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहायक कंपनी Switch के माध्यम से कंपनी भारत और विदेशों में इलेक्ट्रिक बसों और लाइट कमर्शियल वाहनों की रेंज प्रदान करती है. धीरज हिंदुजा ने कहा कि लखनऊ प्लांट को भविष्य के लिए तैयार करते हुए अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल प्रक्रियाओं के साथ डिजाइन किया गया है. इसमें इलेक्ट्रिक, वैकल्पिक ईंधन और उभरती हुई प्रोपल्शन तकनीकों वाले वाहनों का उत्पादन करने की सुविधा है. यह फैक्ट्री जमीन अधिग्रहण से लेकर उत्पादन तक केवल 14 महीनों में पूरी की गई.

रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा

प्लांट से न केवल सीधे और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, बल्कि स्थानीय आपूर्तिकर्ता और MSME इकोसिस्टम भी मजबूत होगा. इसके साथ ही यह क्षेत्र में औद्योगिक विकास का उत्प्रेरक बनेगा.

नीति और निवेश पर सरकारी समर्थन

उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हाल के वर्षों में तेजी से औद्योगिकीकरण देखा है, जिसे ‘Make in India’ जैसी नीति पहलों का समर्थन प्राप्त है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उद्घाटन राज्य में बढ़ते निवेशक विश्वास का प्रतीक है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह और मजबूत हुआ है. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि फैक्ट्री की मौजूदा क्षमता 2,500 यूनिट्स है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 5,000 यूनिट्स वार्षिक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह परियोजना ‘Make in India’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के अनुरूप है और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की भूमिका पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण है. उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 8-9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में कुल 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.
 


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