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पहले बेचनी थी हिस्सेदारी, अब IPO लाने की तैयारी, हल्दीराम में हो क्या रहा है?
हल्दीराम की प्रमोटर फैमिली अब आईपीओ लाने पर विचार कर रही है. हालांकि, इसके लिए कोई डेडलाइन निर्धारित नहीं है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
स्नैक्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी हल्दीराम (Haldiram's) अपना आईपीओ लाने पर विचार कर रही है. कंपनी की प्रमोटर अग्रवाल फैमिली बिज़नेस के विस्तार के लिए फंड जुटाने की कोशिश में लगी है. पहले कंपनी में हिस्सेदारी बेचने की योजना थी, लेकिन वैल्यूएशन को लेकर बात आगे नहीं बढ़ सकी. इसलिए अब आईपीओ के जरिये फंड जुटाने की योजना पर विचार चल रहा है. ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि हल्दीराम अपना IPO ला सकती है. हालांकि, इसके लिए फिलहाल कोई डेडलाइन निर्धारित नहीं है.
इन तीनों ने दिया था ऑफर
हल्दीराम में कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट इक्विटी कंपनी ब्लैकस्टोन इंक (Blackstone Inc), टेमासेक होल्डिंग्स लिमिटेड (Temasek Holdings Ltd) और बेन कैपिटल (Bain Capital) ने दिलचस्पी दिखाई थी. तीनों की तरफ से अग्रवाल फैमिली को ऑफर भी दिया गया था, लेकिन वैल्यूएशन को लेकर बात अटक गई. अग्रवाल परिवार कंपनी के लिए 12 अरब डॉलर की वैल्यूएशन चाहता है, लेकिन उसे 8 से 8.5 अरब डॉलर की बोलियां मिली थीं. इस वजह से प्रमोटर फैमिली अब कंपनी का आईपीओ लाने पर विचार कर रही है.
1937 में हुई थी शुरुआत
वित्त वर्ष 2022 में कारोबारी बिक्री के हिसाब से हल्दीराम का वैल्यूएशन लगभग 83,000 करोड़ रुपए है. पहले आईं कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया था कि ब्लैकस्टोन इंक, टेमासेक होल्डिंग्स लिमिटेड और बेन कैपिटल हल्दीराम स्नैक्स फूड प्राइवेट लिमिटेड (HSFPL) में कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदना चाहती हैं. बता दें कि हल्दीराम के नागपुर और दिल्ली गुटों का मर्जर हो चुका है. HSFPL में हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड की 56% और हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (HFIPL) की 44% हिस्सेदारी है. हल्दीराम ब्रैंड की शुरुआत गंगा बिसन अग्रवाल ने 1937 में की थी और आज इसका कारोबार 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है.
कितना बड़ा है मार्केट?
देश का नमकीन स्नैक मार्केट करीब 620 करोड़ डॉलर का है और इसमें हल्दीराम की हिस्सेदारी लगभग 20%. वहीं, लेज (Lays) चिप्स के लिए मशहूर पेप्सी की भी लगभग 13% हिस्सेदारी है. हल्दीराम के स्नैक्स केवल भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पसंद किए जाते हैं. कंपनी अपने उत्पाद सिंगापुर, अमेरिका और यूरोप के कई देशों भी भेजती है. Haldiram’s के पास लगभग 150 रेस्टोरेंट है जो लोकल फ़ूड, मिठाइयां और वेस्टर्न फ़ूड भी बेचते हैं. कंपनी के पोर्टफोलियो में 400 से अधिक तरह के फूड आइटम्स हैं. देश के स्नैक्स और नमकीन मार्केट में हल्दीराम का मुकाबला बालाजी वैफर्स, पेप्सिको, बीकानेरवाला फूड्स, ITC और पार्ले प्रॉडक्ट्स से है.
बिज़नेस बढ़ाने पर फोकस
हल्दीराम अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. इसी साल की शुरुआत में खबर आई थी कि कंपनी 'यलो डायमंड चिप्स' बनाने वाली प्रताप स्नैक्स (Prataap Snacks Ltd) में बहुमत हिस्सेदारी खरीदने वाली है. यलो डायमंड चिप्स की बाजार पर अच्छी पकड़ है और इसने अपने टेस्ट से लोगों को प्रभावित किया है. ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अग्रवाल फैमिली कंपनी के आईपीओ को लेकर विचार कर रही है. हालांकि, इसकी भी संभावना बनी रहेगी कि अगर कंपनी को उम्मीद अनुरूप वैल्यूएशन मिल जाए तो आईपीओ लाने का फैसला टाल दिया जाए.
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