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लॉक-इन अवधि समाप्त होते ही इस बैंक के शेयरों में हुई 13% की कमी, जानिए कहां पहुंचे शेयर
BSE पर YES BANK का शेयर 12.83 फीसदी गिरकर 14.40 रुपए के निचले स्तर पर पहुंच गया. माना जा रहा है कि ये 89.40 लाख शेयरों के एक्सचेंज पर हुए बदलाव के कारण हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
शेयर बाजार को शायद इसीलिए अनिश्चितताओं का दूसरा घर कहा जाता है, कुछ ऐसा ही सोमवार को बाजार में देखने को मिला. सोमवार को बाजार खुलते ही पहले से आगे बढ़ने को लेकर जूझ रहे YES BANK के शेयरों के कारोबार में 13 फीसदी की गिरावट आ गई. इसके पीछे की वजह इस स्टॉक के लिए तीन साल की लॉक-इन अवधि के आज समाप्त होने को माना जा रहा है. BSE पर YES BANK का शेयर 12.83 प्रतिशत गिरकर 14.40 रुपये के निचले स्तर पर आ गया. एनएसई पर, YES BANK के काउंटर ने 12,04,16,145 शेयरों का बड़ा वॉल्यूम देखा है.
लॉक इन पीरियड के खत्म होने के कारण गिरे शेयर
YES BANK के शेयरों को जिन निवेशकों ने 13 मार्च, 2020 तक तीन साल के लिए लॉक-इन किया था, आज से वो उन शेयरों को बेचने के लिए स्वतंत्र हैं. जिन्होंने अपने शेयरों को तीन साल के लिए लॉक किया था उनमें निजी ऋणदाता और निवेशक शामिल थे. आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर, 2022 तक कुल 47.28 लाख खुदरा निवेशकों के पास YES BANK के 642.31 करोड़ रुपये के शेयर थे. डेटाबेस के अनुसार एनएसई पर किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में खुदरा निवेशकों की भागीदारी की ये सबसे अधिक संख्या थी. वहीं दिसंबर तिमाही के अंतिम नतीजों के अनुसार खुदरा निवेशकों के पास YES BANK के 13232 करोड़ रुपये के शेयर थे, जबकि 30 सितंबर 2022 तक इन शेयरों की संख्या 10052 करोड़ रुपये थी।
किस बैंक का कितना है शेयर प्रतिशत
SBI के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम, जिसमें सात निजी ऋणदाता हैं, उसने यस बैंक के वित्तीय स्वास्थ्य को बहाल करने और लिक्विडिटी, पूंजी और अन्य महत्वपूर्ण मापदंडों को पूरा करने में मदद करने के लिए YES BANK में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था. एसबीआई, जिसे अपनी हिस्सेदारी 26 फीसदी से कम नहीं करने की अनिवार्यता थी, उसकी लॉक-इन अवधि पिछले सप्ताह समाप्त हो चुकी है. नवीनतम शेयरधारिता पैटर्न के अनुसार, एसबीआई के पास निजी बैंक में 26.14 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. जबकि ऋणदाता एचडीएफसी के पास 3.48 प्रतिशत हिस्सेदारी और आईसीआईसीआई बैंक के पास 2.61 प्रतिशत हिस्सेदारी है वहीं एक्सिस बैंक के पास 1.57 फीसदी हिस्सेदारी, निजी ऋणदाता में कोटक महिंद्रा बैंक की 1.32 प्रतिशत हिस्सेदारी और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की 1 प्रतिशत हिस्सेदारी है. सोमवार को YES BANK के शेयर 14.40 रुपये पर आ गए हैं जबकि इन बैंकों को यस बैंक के शेयर 10 रूपये पर आवंटित किए गए थे. उसके अनुसार ये सभी बैंक सोमवार तक 44 प्रतिशत के बराबर मुनाफा कमा रहे हैं. वहीं तीन साल पहले छोटे निवेशकों के लिए शेयर में भारी उतार-चढ़ाव था और 13 मार्च, 2020 को शेयर 25.55 रुपये पर बंद हुआ था।
एटी वन बॉन्ड के चलते बना हुआ है जोखिम
YES BANK के एटी-1 बॉन्ड को राइटडाउन करने के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई है यही इस स्टॉक के आगे बढ़ने की राह में एक प्रमुख जोखिम है. एक्सपर्ट का कहना है कि इसके अलावा, एक्सपायरी स्टे के कारण इसकी सप्लाई ओवरहैंग है. आईसीआईसीआई डायरेक्ट का कहना है कि पिछले छ क्वार्टर में YES BANK के व्यवसाय में बढ़ोतरी हुई है. सिर्फ बैंक के कारोबार में इजाफा नहीं हुआ है बल्कि संपत्ति की गुणवत्ता में भी धीरे-धीरे सुधार देखा गया है. हाल ही में, बैंक ने जेसी फ्लावर को स्ट्रेस्ड एसेट्स की बिक्री की, जिससे जीएनपीए में 2 फीसदी की भारी कमी आई है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईसीआईसीआई डायरेक्ट के कहा कि YES BANK मार्जिन में सुधार के साथ-साथ विकास पर फोकस करने के कारण वित्त वर्ष 2025 तक अपने आरओए को 0.9-1 प्रतिशत तक लाने में कामयाब हो सकता है. हालांकि, 3,770 करोड़ रुपये की सुरक्षा रसीद जो उसे 6,800 करोड़ रुपये के फेस वैल्यू वाली तनावग्रस्त संपत्ति की बिक्री से हासिल हुई है उसके चलते समय के साथ तिमाही आधार पर कमाई अस्थिर रह सकती है.
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