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जलवायु-स्मार्ट कृषि को रफ्तार देने के लिए arya.ag ने जुटाए 725 करोड़ रुपये

इस नई फंडिंग के साथ आर्या.एजी देश में जलवायु-स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने, खाद्य अपव्यय कम करने और किसानों की आय को टिकाऊ रूप से बढ़ाने की दिशा में अपनी भूमिका और मजबूत करेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

भारत के सबसे बड़े एकीकृत अनाज वाणिज्य मंच आर्या.एजी (arya.ag) ने जर्मन निवेशक जीईएफ कैपिटल पार्टनर्स (GEF Capital Partners) से सीरीज-डी इक्विटी फंडिंग में 725 करोड़ रुपये (लगभग 80.58 मिलियन अमेरिकी डॉलर) जुटाने की घोषणा की है.

किसानों और एफपीओ के साथ साझेदारी होगी मजबूत

इस निवेश से कंपनी किसानों और उनके संगठनों के साथ अपनी भागीदारी को और गहरा करेगी, ताकि जलवायु-स्मार्ट और बाजार-आधारित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा सके. इसके साथ ही, आर्या.एजी जलवायु परिवर्तन से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच छोटे और सीमांत किसानों की सहनशीलता बढ़ाने के लिए तकनीकी समाधानों तक उनकी पहुंच को सशक्त करेगी. फंड का उपयोग खेत स्तर पर और कृषि आपूर्ति श्रृंखला में कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भी किया जाएगा.

भरोसे की खाई पाटने के लिए एकीकृत मॉडल

वर्ष 2013 में प्रसन्ना राव, आनंद चंद्रा और चट्टनथन देवराजन द्वारा स्थापित आर्या.एजी का उद्देश्य भारतीय कृषि में भरोसे की खाई को पाटना, कुशल नेटवर्क बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है. कंपनी का एकीकृत मूल्य-श्रृंखला मॉडल—जिसमें प्री-हार्वेस्ट से लेकर पोस्ट-हार्वेस्ट समाधान शामिल हैं—किसानों और एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) को यह निर्णय लेने में सक्षम बनाता है कि वे अपनी उपज कब और किसे बेचें.

स्मार्ट फार्म सेंटर्स से किसानों को तकनीकी ताकत

आर्या.एजी के बढ़ते स्मार्ट फार्म सेंटर्स नेटवर्क के साथ भंडारण, वित्त और वाणिज्य समाधानों की व्यापक श्रृंखला किसानों को टिकाऊ और संरचनात्मक रूप से आय बढ़ाने में मदद करती है.

आर्या.एजी के सह-संस्थापक और सीईओ प्रसन्ना राव ने कहा, “यह निवेश भारत के किसान समुदाय की वास्तविक चुनौतियों को हल करने के लिए एकीकृत समाधान विकसित करने के हमारे दृष्टिकोण को मान्यता देता है. जीईएफ हमारे साथ मिलकर जलवायु और बाजार जोखिमों को कम करते हुए न्यायसंगत कृषि मूल्य-श्रृंखलाएं बनाने की साझा सोच रखता है. हम इस पूंजी का उपयोग अधिक किसानों तक पहुंचने और खेत स्तर पर टिकाऊ प्रथाओं को प्रोत्साहित करने वाले उत्पाद विकसित करने में करेंगे.”

कृषि क्षेत्र की बड़ी चुनौती का समाधान

भारत में 60% से अधिक कार्यबल कृषि से जुड़ा है और आधे से ज्यादा कृषि परिवार औपचारिक ऋण से वंचित हैं. ऐसे में आर्या.एजी का एकीकृत प्लेटफॉर्म, जो खेत स्तर पर अंतर्दृष्टि, भंडारण, त्वरित वित्त और पारदर्शी बाजार संपर्क उपलब्ध कराता है, बाजार की एक महत्वपूर्ण कमी को पूरा करता है.

आर्या.एजी भारत की एकमात्र लाभकारी एग्रीटेक कंपनी के रूप में लगातार आगे बढ़ रही है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1 FY26) में 300 करोड़ रुपये का शुद्ध राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28% अधिक है, जबकि मुनाफा 39% बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये हो गया.

देशभर में मजबूत परिचालन नेटवर्क

वर्तमान में कंपनी का संचालन भारत के 60% जिलों में फैला है, जहां 12,000 एग्री-वेयरहाउस के नेटवर्क के माध्यम से सालाना 3 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का अनाज संग्रहित किया जाता है और कृषि हितधारकों को 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के ऋण वितरण में सहायता की जाती है. इस फंडिंग राउंड में एवेंडस कैपिटल ने एक्सक्लूसिव फाइनेंशियल एडवाइजर की भूमिका निभाई, जबकि पीडब्ल्यूसी (PwC), लॉ फर्म जेएसए और ऐका (Aeka) ने भी सलाहकार सेवाएं प्रदान कीं.


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