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अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार की घोषणा, जानें कौन हैं वो 3 खुशनसीब लोग

जूरी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में बैंकों की भूमिका की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए, लोगों की सोच में सुधार करने के लिए इस बार ये सम्मान दिया गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: अर्थशास्त्र में 2022 के नोबेल पुरस्कारों का ऐलान हो चुका है. इस बार तीन अमेरिकी अर्थशास्त्रियों बेन एस बर्नानके, डगलस डायमंड और फिलिप डायबविग को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया. इन तीनों अर्थशास्त्रियों को बैंकों की भूमिका समझाने के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

क्यों इन्हें ही दिया गया नोबेल पुरस्कार
जूरी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में बैंकों की भूमिका की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए, लोगों की सोच में सुधार करने के लिए, विशेष रूप से वित्तीय संकटों के साथ-साथ वित्तीय बाजारों को कैसे विनियमित किया जाए, इसके लिए अमेरिकी तिकड़ी को सम्मान दिया गया. विजेताओं की घोषणा स्टॉकहोम में रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा की गई.

 

क्या है पुरस्कार राशि
बेन एस बर्नानके अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के पूर्व चेयरमैन हैं. आपको बता दें कि इस नोबेल पुरस्कार के लिए एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 7.42 करोड़ रुपये) का नकद दिया जाता है. नोबेल कमिटि ने विस्तार से बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने रिसर्च में बताया कि बैंक को दिवालिया होने से बचना क्यों जरूरी है. उन्होंने बताया कि 1980 के दशक की शुरुआत में अपने रिसर्च के साथ इन अर्थशास्त्रियों ने वित्तीय बाजारों को रेगुलेट करने और वित्तीय संकट से निपटने की नींव रखी.

बर्नानके अभी कहां हैं
वर्तमान में बर्नानके वाशिंगटन डीसी में 'द ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूशन' के साथ जुड़े हुए हैं. 1930 के दशक की महामंदी पर अपने रिसर्च में उन्होंने समझाया कि यदि घबराए हुए बचतकर्ता अपनी जमा राशि निकालते हैं, तो बैंक की स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है. कैसे सेविंग्स पर सरकारी गारंटी वित्तीय संकट को बढ़ने से रोक सकती है, इसे शिकॉगो यूनिवर्सिटी के डायमंड और सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के डायबविग ने अपनी रिसर्च में अच्छी तरह समझाया है.

 

अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की शुरुआत कब हुई?
गौरतलब है कि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की शुरुआत स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने की थी. 1969 में इस पुरस्कार का पहला विजेता चुना गया था. पिछले साल की बात करें तो डेविड कार्ड, जोशुआ एंग्रिस्ट और गुइडो इंबेन्स को इस क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिया गया था. कार्ड को यह पुरस्कार न्यूनतम मजदूरी, आव्रजन और शिक्षा कैसे श्रम बाजार को प्रभावित करती है, इस बारे में शोध के लिए दिया गया. एंग्रिस्ट और इंबेन्स को पुरस्कार उन विषयों पर स्टडी के लिए दिया गया, जो पारंपरिक वैज्ञानिक तरीकों से स्पष्ट नहीं होते हैं.
 


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