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दुनिया का नंबर 1 फूड ब्रैंड बना अमूल, अमेरिका और चीन की कंपनियों की दी पटखनी
अमूल को भारत के डेयरी मार्केट का बेताज बादशाह कहा जाता है. कोई भी कंपनी इसके आसपास भी प्रदर्शन नहीं कर पा रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अमूल सिर्फ देश नहीं बल्कि दुनिया में अपनी छाप छोड़ने में सफल हुआ है. अमूल का दबदबा पूरे भारत में पहले से ही है. अब दुनिया ने भी अमूल की बादशाहत स्वीकार कर ली है. दिग्गज डेयरी कंपनी अमूल का दबदबा पूरी दुनिया में छा गया है. दरअसल, अमूल अब दुनिया का सबसे मजबूत फूड ब्रांड बन गया है. उसे ब्रांड फाइनेंस की एक रिपोर्ट में AAA+ रेटिंग मिली है. इसके अलावा कंपनी की ब्रांड वैल्यू भी अब बढ़कर 3.3 अरब डॉलर हो चुकी है. कंपनी ने पिछले साल लिस्ट में नंबर वन रही हर्शीज को पछाड़कर नया रुतबा हासिल किया है.
दुनिया का सबसे मजबूत फूड ब्रांड बना अमूल
अमूल का इतिहास लगभग 70 साल पुराना है. ब्रांड फाइनेंस की ग्लोबल फूड एंड ड्रिंक्स रिपोर्ट 2024 (Global Food & Drinks Report 2024) के अनुसार, अमूल अब दुनिया का सबसे मजबूत फूड ब्रांड बन चुका है. ब्रांड स्ट्रेंथ इंडेक्स पर इसका स्कोर 100 में से 91 रहा है. साथ ही कंपनी को AAA+ रेटिंग भी मिली है. साल 2023 के मुकाबले अमूल की ब्रांड वैल्यू भी इस साल 11 फीसदी बढ़कर 3.3 अरब डॉलर हो चुकी है. हालांकि, ब्रांड वैल्यू का कंपनी के टर्नओवर से कोई लेना देना नहीं है. वित्त वर्ष 2022-23 में अमूल की बिक्री 18.5 फीसदी बढ़कर 72,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी.
डेयरी मार्केट का बादशाह है अमूल
ब्रांड फाइनेंस की रिपोर्ट में अमूल को हर्शीज के साथ AAA+ रेटिंग दी गई है. मगर, हर्शीज की ब्रांड वैल्यू 0.5 फीसदी घटकर 3.9 अरब डॉलर रह गई है. इसलिए उसे इस साल की लिस्ट में दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक अमूल साल 2023 में दूसरे स्थान से बढ़कर साल 2024 में दुनिया का सबसे मजबूत खाद्य ब्रांड बन गया है, जिसका ब्रांड मजबूती इंडेक्स (BSI) स्कोर 100 में से 91 और एएए प्लस रेटिंग है. अमूल भारत के डेयरी मार्केट की बेताज बादशाह है. मिल्क मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 75 फीसदी, बटर मार्केट में 85 फीसदी और चीज मार्केट में 66 फीसदी है.
टॉप 50 में एकमात्र भारतीय कंपनी
रिपोर्ट में शीर्ष 50 वैश्विक ब्रांड में अमूल एकमात्र भारतीय ब्रांड है जिसे इसकी उपलब्धियों के लिए मान्यता दी गई है. अमूल के प्रबंध निदेशक जयन मेहता ने कहा कि यह वास्तव में पूरी अमूल टीम और हमारे 36 लाख किसानों के लिए गर्व का क्षण है, जिन्होंने इस ब्रांड को बनाने और विकसित करने में योगदान दिया है. हमने हमेशा माना है कि अमूल की धन दूध नहीं, बल्कि विश्वास है, और यह विश्वास ही है, जिसने पिछले 78 वर्षों में उपभोक्ताओं की हर पीढ़ी द्वारा पसंद किए जाने वाले ब्रांड का निर्माण किया है. अमूल सालाना 11 अरब लीटर दूध खरीदती है और इसकी कीमत 80,000 करोड़ रुपये है.
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