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व्यापार की बढ़ती रुकावटों के बीच भारत बना रहा ‘आर्थिक पुल’, ब्रिक्स देशों से पीएम मोदी ने कहा- बाधाएं करें कम
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने व्यापार की शीर्ष 10 बाधाओं को दूर करने का सुझाव मांगा, 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों से जोड़ने और 1,000 कंपनियों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर दिया जोर
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि जब दुनिया में व्यापारिक रुकावटें बढ़ रही हैं, तब भारत आर्थिक पुल बनाने की दिशा में काम कर रहा है. उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल से व्यापार में आने वाली शीर्ष 10 बाधाओं को दूर करने के सुझाव देने को कहा.
नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान कृषि, स्वास्थ्य, स्टार्टअप, एमएसएमई और तकनीक जैसे क्षेत्रों में कारोबार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 2014 से भारत करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर चुका है.
ब्रिक्स देशों के बीच स्टार्टअप और कंपनियों की साझेदारी पर जोर
पीएम मोदी ने हर साल कम से कम 100 ब्रिक्स स्टार्टअप को दूसरे सदस्य देशों के बाजारों में विस्तार करने में मदद करने का सुझाव दिया. इसके साथ ही उन्होंने ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों की करीब 1,000 कंपनियों के बीच साझेदारी के अवसर तलाशने की बात कही.
उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार को मजबूत बनाए रखने के लिए समुद्री मार्गों पर आवाजाही की स्वतंत्रता, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और सीफेरर्स यानी नाविकों की सुरक्षा बेहद जरूरी है. भारत ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन’ का मजबूती से समर्थन करता है.
बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए नए निवेश मंच का सुझाव
ब्रिक्स देशों के नेताओं ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए निजी निवेश जुटाने के उद्देश्य से एक नया निवेश मंच बनाने का सुझाव भी दिया. ब्रिक्स देश विकास के लिए वित्त जुटाने, बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाने और स्थानीय वित्तीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं. इसका एक प्रमुख उद्देश्य पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाली पारंपरिक वित्तीय संस्थाओं पर निर्भरता कम करना है.
पुतिन बोले- ब्रिक्स की आर्थिक ताकत बढ़ रही
रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने कहा कि जी-7 देशों की आर्थिक और औद्योगिक ताकत कम हो रही है और इसकी जगह ब्रिक्स देशों की भूमिका बढ़ रही है. उन्होंने न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) को परियोजनाओं के लिए वित्त जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला संस्थान बताया.
पुतिन ने निजी क्षेत्र से परियोजनाओं के लिए निवेश जुटाने वाले नए मंच के प्रस्ताव का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा, “हम किसी के खिलाफ नहीं हैं. हम अपने-अपने राष्ट्रीय हितों के पक्ष में हैं.”
रूसी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स देशों की कई सफल कंपनियों का उदाहरण भी दिया. इनमें भारत की महिंद्रा, चीन की हुआवेई, ब्राजील की एम्ब्रेयर, यूएई की टीपीओ और रूस की रोसाटॉम शामिल हैं. उन्होंने आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में महिंद्रा के काम का भी उल्लेख किया.
व्यापार मार्गों और प्रतिबंधों का भी मुद्दा उठा
पुतिन ने पाइपलाइन में रुकावट, अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्गों को रोकने की कोशिश, समुद्री जहाजों को जब्त करने और प्रतिबंधों के जरिए दूसरे देशों पर दबाव बनाने जैसे मुद्दे भी उठाए.
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि ब्रिक्स देशों ने प्रतिबंधों और एकतरफा फैसलों से पैदा हुई चुनौतियों को नए अवसरों में बदलने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि अब सवाल यह नहीं है कि ब्रिक्स के पास क्षमता है या नहीं, बल्कि यह है कि क्या वह अपने लोगों के आर्थिक हितों के लिए इस क्षमता का इस्तेमाल करने की महत्वाकांक्षा और साधन रखता है.
ईरान ने व्यापार और सप्लाई चेन मजबूत करने पर दिया जोर
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अपने देश पर अमेरिका और इजराइल के हमलों का जिक्र किया. उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, सीमा पार बाजारों को आपस में जोड़ने और ऊर्जा, खाद्य तथा परिवहन की सप्लाई चेन को मजबूत करने की जरूरत बताई.
दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है. सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्रिक्स देशों के नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन शुक्रवार तड़के दिल्ली पहुंचे, जबकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान दोपहर में पहुंचे. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के शनिवार दोपहर दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है.
शुक्रवार शाम ब्रिक्स बिजनेस फोरम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन, पेजेश्कियान और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कीं. शनिवार को उनकी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ भी बैठक प्रस्तावित है.
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