होम / बिजनेस / UltraTech से मुकाबले के लिए मजबूत हो रहे Adani, साल की दूसरी बड़ी डील की फाइनल

UltraTech से मुकाबले के लिए मजबूत हो रहे Adani, साल की दूसरी बड़ी डील की फाइनल

गौतम अडानी सीमेंट सेक्टर में खुद को मजबूत करने के लिए लगातार कदम बढ़ा रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पिछले साल की शुरुआत में जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आई, तो गौतम अडानी (Gautam Adani) को अपनी कई विस्तार योजनाओं पर ब्रेक लगाना पड़ा था. उसमें सीमेंट सेक्टर (Cement Sector) में विस्तार की योजना भी शामिल थी. अब जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का असर पूरी तरह खत्म हो चुका है, तो अडानी फिर से पुरानी फॉर्म में लौट आए हैं. अडानी समूह (Adani Group) की कंपनी अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cement) एक सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट का अधिग्रहण करने जा रही है. 

इस तरह मिलेगा फायदा 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cement) ने माई होम समूह की तमिलनाडु के तूतीकोरीन में सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट के अधिग्रहण के लिए एक डील साइन की है. यह अधिग्रहण कुल 413.75 करोड़ रुपए में किया जाएगा. अंबुजा सीमेंट्स ने सोमवार को एक बयान में बताया कि उसने माई होम समूह की सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट का अधिग्रहण करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस यूनिट की क्षमता 1.5 MTPA (Million Tones Per Annum) है. इस डील से अंबुजा सीमेंट्स को तमिलनाडु और केरल के दक्षिणी बाजारों में पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही कंपनी को माई होम समूह के मौजूदा डीलर नेटवर्क का भी लाभ मिलेगा. 

ACCPL को भी बनाया अपना
इससे पहले, अडानी समूह ने एक और डील फाइनल की थी. साल की शुरुआत में समूह की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड (ACC Limited) ने एशियन कंक्रीट्स एंड सीमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (ACCPL) में 55 प्रतिशत और हिस्सेदारी खरीद ली थी. एसीसी ने यह हिस्सेदारी 775 करोड़ रुपए में एशियन कंक्रीट्स एंड सीमेंट्स के मौजूदा प्रमोटर से खरीदी थी. इसी के साथ ACC लिमिटेड के पास अब एशियन कंक्रीट्स एंड सीमेंट्स का पूरा स्वामित्व आ गया है. एसीसी लिमिटेड के पास एशियन कंक्रीट्स एंड सीमेंट्स में पहले से 45 प्रतिशत हिस्सेदारी थी.  

ये भी पढ़ें - टेंशन में हैं Gautam Adani, उनकी इस टेंशन से आपका टेंशन में आना भी है लाजमी; जानें कैसे

इतनी हुई कुल सीमेंट क्षमता
एशियन कंक्रीट्स एंड सीमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (ACCPL) की हिमाचल प्रदेश में 1.3 MTPA सीमेंट कैपेसिटी है. जबकि इसकी सहायक कंपनी एशियन फाइन सीमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (AFCPL) का पंजाब में 1.5 MTPA सीमेंट कैपेसिटी वाला प्लांट है. इस रणनीतिक डील के बाद एसीसी की सीमेंट कैपेसिटी में इजाफा हो गया है. कंपनी की सीमेंट कैपेसिटी 38.55 MTPA हो गई है. जबकि माई होम समूह की सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट के अधिग्रहण से अडानी समूह की कुल सीमेंट क्षमता बढ़कर 78.9 MTPA हो गई है. सीमेंट सेक्टर में फिलहाल आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी अल्ट्राटेक का दबदबा है. कंपनी की कुल सीमेंट क्षमता हाल ही में 150 MTPA के आंकड़े को पार कर गई है. 

2028 तक पूरा होगा लक्ष्य
अडानी समूह अपनी कुल सीमेंट क्षमता बढ़ाने के लगातार प्रयास कर रहा है. वह सांघी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Sanghi Industries Ltd) को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर चुका है. अंबुजा सीमेंट्स ने पिछले साल सांघी इंडस्ट्रीज लिमिटेड का अधिग्रहण पूरा किया था. यह डील 5185 करोड़ रुपए की एंटरप्राइज वैल्यू पर हुई थी. इसके तहत अंबुजा सीमेंट्स ने सांघी इंडस्ट्रीज के 14 करोड़ शेयर खरीदे थे. इसके साथ ही कंपनी में अंबुजा सीमेंट्स की हिस्सेदारी 54.51 प्रतिशत हो गई थी. लेकिन हाल ही में अंबुजा ने संघी इंडस्ट्रीज में 2% हिस्सेदारी बेची है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस रफ्तार से अडानी समूह इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, 2028 तक वह 140 एमटीपीए सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के लक्ष्य को हासिल कर सकता है.

ऐसा है स्टॉक मार्केट में हाल
वहीं, अडानी समूह की दोनों सीमेंट कंपनियों के स्टॉक मार्केट में हाल की बात करें, तो अंबुजा सीमेंट्स के शेयर आज 0.14% की गिरावट के साथ 608 रुपए पर बंद हुए हैं. इस साल इस शेयर में अब तक 13.79% का उछाल आया है, लेकिन बीते 5 कारोबारी सत्रों में यह 2.56% लुढ़क चुका है. इसी तरह, ACC सीमेंट्स में 1.11% की गिरावट देखने को मिली है. ये शेयर 2,441 रुपए के भाव पर मिल रहा है. इस साल अब तक इसने 8.81% का रिटर्न दिया है, लेकिन पिछले 5 सत्रों में यह 5.58% लुढ़क चुका है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

RBI का बड़ा फैसला: मनी चेंजर्स के नए लाइसेंस पर रोक, फॉरेक्स कारोबार के लिए सख्त नियम लागू

नए नियमों के अनुसार, विदेशी मुद्रा सेवाएं देने के लिए ‘प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल’ का विस्तार किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सेवाएं बेहतर निगरानी और उचित जांच-परख के साथ प्रदान की जाएं.

17 minutes ago

दमदार नतीजों के बाद बजाज ऑटो का बड़ा फैसला, डिविडेंड के साथ बायबैक का ऐलान

बजाज ऑटो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए 150 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है. यह 10 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर पर 1500 प्रतिशत डिविडेंड के बराबर है.

1 hour ago

Paytm के शेयरों में 7% से ज्यादा उछाल, पहली बार पूरे साल मुनाफे में आई कंपनी

मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 2,264 करोड़ रुपये हो गई. वहीं EBITDA भी अब पॉजिटिव हो गया है.

2 hours ago

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में बढ़ेगी कोटक महिंद्रा की हिस्सेदारी, RBI से निवेश की मंजूरी

RBI की मंजूरी के बाद कोटक महिंद्रा बैंक का AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में निवेश भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

3 hours ago

भारत का निर्यात बना नई ताकत, 863 अरब डॉलर के पार पहुंचा विदेशी व्यापार

निर्यात वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का रहा है. सेवा निर्यात 2024-25 में 387.55 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 421.32 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो 8.71 प्रतिशत की वृद्धि है.

3 hours ago


बड़ी खबरें

Paytm के शेयरों में 7% से ज्यादा उछाल, पहली बार पूरे साल मुनाफे में आई कंपनी

मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 2,264 करोड़ रुपये हो गई. वहीं EBITDA भी अब पॉजिटिव हो गया है.

2 hours ago

RBI का बड़ा फैसला: मनी चेंजर्स के नए लाइसेंस पर रोक, फॉरेक्स कारोबार के लिए सख्त नियम लागू

नए नियमों के अनुसार, विदेशी मुद्रा सेवाएं देने के लिए ‘प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल’ का विस्तार किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सेवाएं बेहतर निगरानी और उचित जांच-परख के साथ प्रदान की जाएं.

17 minutes ago

दमदार नतीजों के बाद बजाज ऑटो का बड़ा फैसला, डिविडेंड के साथ बायबैक का ऐलान

बजाज ऑटो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए 150 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है. यह 10 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर पर 1500 प्रतिशत डिविडेंड के बराबर है.

1 hour ago

भारत का निर्यात बना नई ताकत, 863 अरब डॉलर के पार पहुंचा विदेशी व्यापार

निर्यात वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का रहा है. सेवा निर्यात 2024-25 में 387.55 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 421.32 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो 8.71 प्रतिशत की वृद्धि है.

3 hours ago

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में बढ़ेगी कोटक महिंद्रा की हिस्सेदारी, RBI से निवेश की मंजूरी

RBI की मंजूरी के बाद कोटक महिंद्रा बैंक का AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में निवेश भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

3 hours ago