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Asian Paints पर दबाव के आरोप, CCI में पहुंची Birla Opus, जानें पूरा मामला
बिरला ग्रुप की नई पेंट कंपनी बिरला ओपस ने भारत की प्रमुख पेंट कंपनी एशियन पेंट्स के खिलाफ प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) में एंटीट्रस्ट शिकायत दर्ज की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत के पेंट उद्योग में तेजी से उभरती बिरला ग्रुप (Birla Group) की नई पेंट कंपनी बिरला ओपस (Birla Opus) ने देश की सबसे बड़ी पेंट निर्माता एशियन पेंट्स (Asian Paints) के खिलाफ प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) में एंटीट्रस्ट शिकायत दर्ज की है. शिकायत में एशियन पेंट्स पर अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग करने और खुदरा विक्रेताओं पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है. आइए इस मामले के बारे में विस्तार से जानते हैं.
बाजार में हिस्सेदारी को लेकर बढ़ी तनातनी
एशियन पेंट्स वर्तमान में भारत के पेंट बाजार में 52 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अग्रणी है लेकिन फरवरी 2024 में आदित्य बिरला ग्रुप द्वारा लॉन्च की गई बिरला ओपस ने तेजी से बढ़त बनाई और मार्च 2025 तक लगभग 7 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली. इस तेजी से बढ़ते प्रतिस्पर्धी को लेकर अब दो बड़ी कंपनियाँ आमने-सामने हैं.
डीलरों पर दबाव डालने के आरोप
शिकायत के मुताबिक एशियन पेंट्स ने अपने खुदरा विक्रेताओं को चेतावनी दी थी कि वे बिरला ओपस के उत्पाद स्टॉक न करें ऐसा करने पर उनकी क्रेडिट सुविधाएं और सप्लाई में कटौती की धमकी दी गई. एक अन्य आरोप यह भी है कि डीलरों को कहा गया कि यदि वे बिरला के पेंट उत्पादों के विज्ञापन या होर्डिंग लगाते हैं तो सप्लाई रोकी जा सकती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार CCI ने हाल ही में बिरला ओपस द्वारा दायर की गई शिकायत को समीक्षा के लिए लिया है यह शिकायत फिलहाल शुरुआती चरण में है और यह तय होना बाकी है कि आयोग इस पर विस्तृत जांच करेगा या नहीं.
बिरला की चुप्पी एशियन पेंट्स की सफाई
बिरला ओपस जोकि ग्रासिम इंडस्ट्रीज की पेंट शाखा है ने इस मामले में रॉयटर्स को कोई जवाब नहीं दिया. वहीं एशियन पेंट्स को शिकायत की औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है लेकिन मीडिया से मिले सवालों के जवाब में कंपनी ने CCI को एक गोपनीय पत्र भेजा है इस पत्र में कहा गया है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए.
पत्र में एशियन पेंट्स का कहना है “बिरला ओपस की तेज़ और व्यापक वृद्धि यह दिखाती है कि बाजार में प्रवेश के लिए कोई बाधा नहीं है और मौजूदा कंपनियों द्वारा प्रतिस्पर्धा विरोधी कार्य नहीं किए जा रहे हैं”.
बिरला का विस्तार और एशियन पेंट्स की स्थिति
बिरला ग्रुप ने पिछले वर्ष पेंट उद्योग में प्रवेश करते हुए 1.2 बिलियन डॉलर का निवेश किया था और अब इसके पास 5 परिचालित प्लांट हैं. वहीं, एशियन पेंट्स ने वित्त वर्ष 2024-25 में 294 अरब रुपये (करीब 3.43 बिलियन डॉलर) का राजस्व अर्जित किया है और इसकी 26 फैक्ट्रियाँ दुनिया भर में स्थित हैं.
एशियन पेंट्स पर पूर्व में भी आरोप लग चुके हैं
यह पहला मौका नहीं है जब एशियन पेंट्स पर प्रतिस्पर्धा कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगा हो 2022 में JSW पेंट्स ने भी ऐसा ही मामला दायर किया था जिसे CCI ने बाद में खारिज कर दिया था यह कहते हुए कि कोई उल्लंघन नहीं पाया गया. भारत के तेजी से बढ़ते पेंट बाजार में प्रतिस्पर्धा अब खुले टकराव में बदलती दिख रही है एक ओर एशियन पेंट्स अपनी लीडरशिप को बचाने में लगी है वहीं बिरला ओपस आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है.
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