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भारत से उभर सकती हैं अरबों डॉलर की AI कंपनियां, 5 साल में 1 अरब डॉलर राजस्व का अनुमान : रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी निवेश बढ़ रहा है. देश में AI डेटा सेंटर बनाने के लिए 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा की प्रतिबद्धता पहले ही की जा चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कंपनियों के लिए बड़े अवसर बन रहे हैं. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले पांच वर्षों में भारत से तीन या उससे अधिक AI-नेटिव कंपनियां 1 अरब डॉलर से ज्यादा का वार्षिक राजस्व हासिल कर सकती हैं. देश का विशाल डिजिटल यूजर बेस, मोबाइल-फर्स्ट इंटरनेट उपयोग और तेजी से बढ़ता डेवलपर इकोसिस्टम इस क्षेत्र के विकास को मजबूत आधार दे रहे हैं.
भारत का डिजिटल यूजर बेस बना बड़ी ताकत
वेंचर कैपिटल फर्म Arkam Ventures की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कम यूजर अधिग्रहण लागत और विशाल डिजिटल आबादी स्केलेबल AI प्रोडक्ट्स के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है. “India AI: The Asymmetric Opportunity” नामक इस रिपोर्ट में देश के AI इकोसिस्टम को आकार देने वाले संरचनात्मक कारकों और AI-नेटिव कंपनियां बनाने वाले उद्यमियों के लिए उभरते अवसरों का विश्लेषण किया गया है.
मोबाइल-फर्स्ट इंटरनेट और डेवलपर इकोसिस्टम का असर
यह रिपोर्ट Arkam Ventures की एनुअल मीट 2026 के दौरान जारी की गई. रिपोर्ट के अनुसार भारत की बड़ी आबादी, मोबाइल-फर्स्ट इंटरनेट उपयोग और तेजी से बढ़ता डेवलपर नेटवर्क देश को AI प्लेटफॉर्म का बड़ा उपभोक्ता और निर्माता दोनों बना रहा है.
वॉइस-आधारित AI ऐप्स तेजी से बढ़ सकते हैं
रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत में 20 करोड़ यूजर तक पहुंचने वाला पहला AI कंज्यूमर ऐप संभवतः टेक्स्ट-आधारित नहीं बल्कि वॉइस-आधारित होगा. इसके पीछे भारत की भाषाई विविधता और बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल यूजर्स का होना है जो अंग्रेजी टेक्स्ट की बजाय आवाज के जरिए तकनीक से जुड़ना पसंद करते हैं.
5 साल में अरब डॉलर राजस्व वाली कंपनियां
रिपोर्ट के मुताबिक भारत से शुरू होने वाली तीन या उससे अधिक AI-नेटिव सर्विस कंपनियां अगले पांच वर्षों में 1 अरब डॉलर से ज्यादा का वार्षिक राजस्व हासिल कर सकती हैं. इसके अलावा AI-आधारित लेंडिंग प्लेटफॉर्म अगले दशक में उपभोक्ता ऋण देने के मामले में निजी बैंकों के संयुक्त स्तर से भी आगे निकल सकते हैं.
वैश्विक AI प्लेटफॉर्म के लिए बड़ा बाजार
भारत पहले ही वैश्विक AI प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़ा बाजार बन चुका है. रिपोर्ट में कहा गया है कि देश OpenAI, Google के Gemini, Anthropic और ElevenLabs जैसे प्लेटफॉर्म्स के सबसे बड़े यूजर बेस में शामिल है. 850 मिलियन से अधिक डिजिटल यूजर्स और दुनिया के सबसे बड़े डेवलपर समुदायों में से एक होने के कारण भारत वैश्विक AI प्लेटफॉर्म्स की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.
तकनीकी बदलाव का बड़ा दौर
Arkam Ventures के मैनेजिंग डायरेक्टर बाला श्रीनिवास ने कहा कि AI आज के समय का सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी बदलावों में से एक है और यह बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण के लाभों को और व्यापक बना सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि सीमित GPU उपलब्धता, अधिक कंप्यूट लागत और बड़े घरेलू AI इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी जैसी चुनौतियां भी स्टार्टअप्स के लिए नए समाधान विकसित करने के अवसर पैदा कर रही हैं.
बड़े वास्तविक समस्याओं पर काम करेंगी AI कंपनियां
Arkam Ventures के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल चंद्रा के मुताबिक भारत की सबसे सफल AI कंपनियां डीप टेक्नोलॉजी और बड़े वास्तविक समस्याओं के संगम से उभरेंगी. इनमें कंज्यूमर एप्लिकेशन, एंटरप्राइज वर्कफ्लो और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्र प्रमुख होंगे.
AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ रहा निवेश
रिपोर्ट के अनुसार भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी निवेश बढ़ रहा है. देश में AI डेटा सेंटर बनाने के लिए 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा की प्रतिबद्धता पहले ही की जा चुकी है. साथ ही भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजारों की तुलना में लागत के मामले में तीन से चार गुना तक का फायदा मिलता है, जबकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों से राजस्व कमाने के अवसर भी मिलते हैं.
AI इकोसिस्टम को आकार देने वाले चार प्रमुख क्षेत्र
रिपोर्ट में भारत के AI इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने वाले चार प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है. इनमें बड़े पैमाने पर कंज्यूमर AI, भारतीय कंपनियों के लिए एंटरप्राइज AI समाधान, भारतीय टीमों द्वारा बनाए गए वैश्विक स्तर के AI प्रोडक्ट और डेटा सेंटर व फाउंडेशन मॉडल जैसे घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश शामिल हैं.
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