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कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के बाद RBI ने शिम्शा सहकारा बैंक का लाइसेंस रद्द किया
अब शिम्शा सहकारा बैंक नियामिथा बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 5(b) के तहत बैंकिंग संचालन नहीं कर सकता है. साथ ही, एक्ट की धारा 6 के तहत अन्य वित्तीय गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लागू हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्नाटक के शिम्शा सहकारा बैंक नियामिथा का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है. यह कदम उस समय संभव हुआ जब कर्नाटक हाईकोर्ट में दायर संबंधित याचिका वापस ले ली गई, जिससे केंद्रीय बैंक का पहले से जारी आदेश लागू हो गया.
RBI के बयान के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने मांड्या जिले के मड्डुर स्थित इस सहकारी बैंक का लाइसेंस 5 जुलाई 2024 को स्पीकिंग ऑर्डर के जरिए रद्द किया था. इस आदेश के बाद बैंक ने उसी दिन के कारोबार के समापन के साथ बैंकिंग संचालन बंद कर दिया था.
कानूनी चुनौती और प्रतिबंध
बाद में इस मामले को कर्नाटक हाईकोर्ट में 2024 में रिट याचिका के जरिए चुनौती दी गई थी. कानूनी प्रक्रिया के दौरान RBI ने बैंक पर फरवरी 2023 में जारी निर्देशों के तहत कुछ नियामक प्रतिबंध जारी रखे थे, जिन्हें कोर्ट में केस लंबित रहने तक कई बार बढ़ाया गया.
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की
हालांकि, 17 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने याचिका को वापस लेने के रूप में खारिज कर दिया. याचिका के वापस लेने के बाद RBI का पहले से जारी लाइसेंस रद्द करने का आदेश फिर से लागू हो गया और अब यह पूरी तरह प्रभावी है.
बैंकिंग संचालन पर प्रतिबंध
अब शिम्शा सहकारा बैंक नियामिथा बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 5(b) के तहत बैंकिंग संचालन नहीं कर सकता है. साथ ही, एक्ट की धारा 6 के तहत अन्य वित्तीय गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लागू हो गया है. ये प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं.
RBI के कारण
RBI ने पहले बैंक के कमजोर वित्तीय स्थिति, अपर्याप्त पूंजी और खराब कमाई संभावनाओं को लाइसेंस रद्द करने का मुख्य कारण बताया था. केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक को संचालन जारी रखने देना जमाकर्ताओं और जनता के हित के खिलाफ होगा.
जमाकर्ताओं के लिए सुरक्षा
लाइसेंस रद्द होने के बाद, बैंक के जमाकर्ता Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के तहत अपनी जमा राशि पर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्राप्त करने के पात्र बने हैं. यह कदम कानूनी विवाद सुलझने के बाद सहकारी बैंक के बंद होने की अंतिम नियामक प्रक्रिया को चिह्नित करता है.
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