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एक और बड़ी मुश्किल में आई Vodafone Idea, इंडस टावर्स के बाद अब बैंकों ने भी किया किनारा
वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने कहा है कि वह इंडस टावर द्वारा सिग्नल बंद करने की धमकी मिलने के बाद कंपनी से आसान भुगतान शर्तों के लिए बात कर रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने कहा है कि वह इंडस टावर द्वारा सिग्नल बंद करने की धमकी मिलने के बाद कंपनी से आसान भुगतान शर्तों के लिए बात कर रही है. स्टॉक एक्सचेंजों और सेबी द्वारा मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लेने के बाद वोडाफोन आइडिया ने इस बात की जानकारी दी है.
हालांकि इस घटनाक्रम के बाद भी कंपनी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब कंपनी को लोन देने वाले कई बैंकों ने कहा है कि जब तक कंपनी के प्रमोटर्स नया पैसा नहीं लगाएंगे, तब तक वो इसको किसी तरह का कोई नया लोन जारी नहीं करेंगे.
सेबी, स्टॉक एक्सचेंज की दी जानकारी
गौरतलब है कि हाल में वीआई के मोबाइल टावरों का देखरेख करने वाली कंपनी इंडस टावर्स ने लंबित भुगतान को करने के लिए कठोर शब्दों में एक पत्र लिखा था, जिसमें उसने नवंबर से इसके टावरों के सिग्नल बंद करने की बात कही थी.
वीआई ने बीएसई और सेबी को बताया, "हम सूचित करना चाहते हैं कि इंडस टावर्स उन बड़े विक्रेताओं में से एक है जो कंपनी को बुनियादी ढांचा सेवाएं प्रदान करते हैं और हमने कंपनी से आसान भुगतान शर्तों के लिए बात कर रहे हैं. गुरुवार की देर शाम बीएसई के एक प्रश्न के जवाब में कंपनी ने उक्त जानकारी दी है.
बैंकों ने दिया झटका
9 महीने से अधिक समय से वोडाफोन आइडिया लिमिटेड और उसके बैंकों के बीच लोन पर 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की बातचीत चल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई दौर की बातचीत के बावजूद, बैंक टेलीकॉम कंपनी के लिए नई लाइन ऑफ क्रेडिट को मंजूरी देने को तैयार नहीं हैं. कंपनी ने अपने मौजूदा बैंकरों से नए कर्ज मांगे हैं. इन बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, यस बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं. अधिकांश बैंकों ने या तो अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है या इसे रोक दिया है. एक निजी बैंक के एक शीर्ष कार्यकारी ने बताया, "वोडाफोन पीएलसी और आदित्य बिड़ला समूह के बिना कंपनी में प्रतिबद्ध पूंजी डाले बिना, हम कुछ नहीं कर सकते हैं."
घोषणा के बाद भी प्रमोटर्स ने नहीं किया निवेश
मार्च 2022 में, वोडाफोन आइडिया ने घोषणा की कि वोडाफोन पीएलसी अपनी भारतीय शाखा में 3,375 करोड़ रुपये की पूंजी लगाएगी, जबकि आदित्य बिड़ला समूह 1,125 करोड़ रुपये लाने के लिए प्रतिबद्ध था. यह उसकी 14,500 करोड़ रुपये की मेगा फंड जुटाने की योजना के हिस्से के रूप में था.
एक अन्य वरिष्ठ बैंकर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "हमने अभी तक प्रमोटरों को पैसा लगाते नहीं देखा है." सूत्रों का कहना है कि पिछले 8-12 महीनों में, बैंक वोडाफोन आइडिया के लिए अपने निवेश को कम कर रहे हैं. एक बैंकर ने कहा, 'कंपनी पिछले साल दिसंबर की तुलना में अब बेहतर स्थिति में है. यह बैंकों के लिए एक मानक खाता है.
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