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HDFC के बाद अब CCI से इन बैंकों के विलय को मिली हरी झंडी, ये होगा बदलाव 

इस विलय को भले ही CCI की मंजूरी मिल चुकी हो लेकिन अभी इसे SEBI, RBI, और NCLT की मंजूरी मिलनी बाकी है. इनकी मंजूरी के बाद ही ये विलय हो पाएगा. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

प्राइवेट सेक्‍टर के बड़े बैंक HDFC  के बाद अब आईडीएफसी फर्स्‍ट बैंक और आईडीएस का विलय होने जा रहा है. इस विलय को   भारतीय प्रतिस्‍पर्धा आयोग की हरी झंडी मिल चुकी है. बैंक के बोर्ड के द्वारा इस विलय को पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है. लेकिन ये विलय तभी हो पाएगा जब इसे SEBI, RBI और NCLT (राष्‍ट्रीय कंपनी कानून न्‍यायाधिकरण) की हरी झंडी मिलेगी. इस विलय का मकसद बैंक की सभी शाखाओं को एकजुट कर उसके कारोबार में इजाफा करना है. 

IDFC को इससे ये होगा फायदा 
IDFC (इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी) का आईडीएफसी फर्स्‍ट बैंक में होने जा रहे इस विलय को कंपनी का बोर्ड जुलाई में ही मंजूरी दे चुका है. इस मर्जर के लिए 100:150 अनुपात रखा गया है. इसका मतलब ये है कि अगर किसी के पास आईडीएफसी के 100 शेयर हैं तो उसे आईडीएफसी फर्स्‍ट बैंक के 150 शेयर मिलेंगे. इस मर्जर के हो जाने के बाद आईडीएफसी, एचएफसीएल, आईडीएफसी लिमिटेड और आईडीएफसी फर्स्‍ट बैंक को एक यूनिट में बदल दिया जाएगा. 

बढ़ जाएगी बैंक की कैपिटल वैल्‍यू 
आईडीएफसी बैंक की कई शाखाओं के मर्जर के बाद बैंक काफी बड़ा हो जाएगा. इससे उसकी बाजार में हिस्‍सेदारी भी बढ़ जाएगी. सभी यूनिटों के एक छत के नीचे आने से बैंक का दायरा भी बढ़ जाएगा. मौजूदा समय में देखा जाए तो बैंक की बाजार वैल्‍यू 2.4 लाख करोड़ रुपये है. जबकि कंपनी का टर्नओवर 27194.51 करोड़ रुपये है. बैंक के मुनाफे की बात करें तो उसने 2437 करोड़ से ज्‍यादा का मुनाफा कमाया है. इससे पहले एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी के विलय के बाद एचडीएफसी बैंक देश का दूसरा और विश्‍व का चौथा बड़ा बैंक बन गया था. 

ऐसे शुरू हुआ था ये बैंक 
IDFC को बैंक शुरू करने के लिए आरबीआई से 2014 में सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी. इस मंजूरी के मिलने के बाद बैंक 2015 में शुरू हो पाया था. बैंक के शुरू होने के तीन साल बाद 2018 में कैपिटल फर्स्‍ट  में आईडीएफसी में विलय हो गया. इस विलय के बाद आईडीएफसी का नाम आईडीएफसी से बदलकर आईडीएफसी फर्स्‍ट बैंक रख दिया गया था.  
 


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