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Apple के बाद अब Google भी बनाएगा भारत में फोन, मेक इन इंडिया की दिखेगी ताकत
Google भारत में पिक्सल स्मार्टफोन का प्रोडक्शन बढ़ाकर वियतनाम पर टैरिफ जोखिम और चीन पर निर्भरता को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत अब केवल दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार नहीं, बल्कि जल्द ही वैश्विक स्तर पर एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब भी बन सकता है. दरअसल, एप्पल (Apple) के बाद अब गूगल (Google) भी भारत को अपने स्मार्टफोन निर्माण का केंद्र बनाने की तैयारी में है. गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक भारत में अपने लोकल कॉन्ट्रैक्ट मेन्युफैक्चरर्स डिक्सन टेक्नोलॉजीज और फॉक्सकॉन के साथ मिलकर पिक्सल स्मार्टफोन का प्रोडक्शन शुरू करने पर विचार कर रही है. यह कदम खासतौर पर अमेरिका के लिए बनाए जाने वाले डिवाइस के उत्पादन को वियतनाम से भारत शिफ्ट करने की रणनीति के तहत उठाया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, इस संबंध में बातचीत का पहला राउंड दो हफ्ते पहले हो चुका है.
टैरिफ से बचाव के लिए सोर्सिंग रणनीति में बदलाव
यह फैसला अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी के चलते लिया जा रहा है, जिसमें वियतनाम पर 46 फीसदी तक आयात शुल्क लगाने की चेतावनी दी गई है. इसके विपरीत भारत पर अभी 26 फीसदी टैरिफ ही लागू है. ऐसे में अल्फाबेट रिस्क को कम करने के लिए भारत में प्रोडक्शन बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. कंपनी ने भारत में लोकली एनक्लोजर, चार्जर, फिंगरप्रिंट सेंसर और बैटरी जैसे कंपोनेंट बनाने की योजना भी साझा की है. वर्तमान में, भारत में असेंबल किए जाने वाले ज्यादातर पिक्सल स्मार्टफोन कंपोनेंट्स इंपोर्ट किए जाते हैं.
ट्रंप के टैरिफ के बाद बढ़ा दबाव
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल में "रेसिप्रोकल टैरिफ" लागू करने की घोषणा की थी, जिसमें चीन को छोड़कर अन्य देशों को 90 दिनों के लिए राहत दी गई है। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत तेज़ हो गई है, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है. अगर यह समझौता होता है, तो भारत अमेरिकी कंपनियों के लिए एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है.
भारत में पिक्सल स्मार्टफोन का मौजूदा प्रोडक्शन
डिक्सन और फॉक्सकॉन इस समय भारत में हर महीने लगभग 43,000 से 45,000 पिक्सल स्मार्टफोन बनाते हैं. इनमें से डिक्सन 65-70 फीसदी हिस्सेदारी के साथ मुख्य भूमिका निभा रही है. डिक्सन ने ताइवान की कंपनी कॉम्पल इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ साझेदारी में नोएडा स्थित प्लांट में दिसंबर 2024 में प्रोडक्शन शुरू किया था. फॉक्सकॉन ने इससे पहले अगस्त 2023 में तमिलनाडु की यूनिट से पिक्सल का निर्माण शुरू किया था, जो मुख्य रूप से पुराने मॉडलों पर केंद्रित है.
चीन से निर्भरता घटाने की दिशा में गूगल का बड़ा कदम
गूगल पहले से ही चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए प्रयासरत है. 2023 में कंपनी ने वियतनाम में फॉक्सकॉन और कॉम्पल के माध्यम से पिक्सल फोन का निर्माण शुरू किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल गूगल के सभी प्रीमियम पिक्सल मॉडल्स में से करीब आधे वियतनाम में बने थे, लेकिन अमेरिका की नई टैरिफ व्यवस्था ने अल्फाबेट को भारत में प्रोडक्शन की टाइमलाइन को तेज करने के लिए मजबूर किया है.
भारत में पिक्सल की बाजार हिस्सेदारी कितनी?
भारत में पिक्सल स्मार्टफोन की बाजार हिस्सेदारी अभी सिंगल डिजिट में है. इसकी एक वजह इसकी प्रीमियम प्राइस रेंज है. हालांकि, गूगल ने हाल ही में अपने डिवाइस को ऑफलाइन रिटेल चैनल्स के माध्यम से बेचने का फैसला किया है, जिससे बाजार हिस्सेदारी में थोड़ी बढ़त देखने को मिली है. वहीं अमेरिका में, स्टेटकाउंटर के आंकड़ों के अनुसार, लेटेस्ट पिक्सल मॉडल्स की लॉन्चिंग के बाद बाजार हिस्सेदारी लगभग 14 फीसदी तक पहुंच गई है, जो पहले सिर्फ 7 फीसदी थी.
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