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China को खल रही इन कंपनियों की Bharat से करीबी, इस तरह बना रहा दबाव

आईफोन निर्माता Apple के बाद अब ताइवान की कंपनी Foxconn चीन के निशाने पर आ गई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पिछले कुछ वक्त में जिस तेजी से भारत (India) का रुतबा बढ़ा है, उतनी ही तेजी से चीन (China) के प्रभुत्व में कमी आई है. चीन कमजोर पड़ रहा है. उसकी अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है. वैश्विक कंपनियों ने चीन से किनारा करना शुरू कर दिया है और वो भारत को ज्यादा तवज्जो दे रही हैं. ऐसे में चीन अब बदले की कार्रवाई पर उतर आया है. उसके निशाने पर Apple और फॉक्सकॉन (Foxconn) हैं. ये दोनों ही कंपनियां चीन के मुकाबले भारत पर ज्यादा फोकस कर रही हैं. हाल ही में खबर आई थी कि चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने सरकारी अधिकारियों को iPhone न इस्तेमाल करने का फरमान दिया है. 

बड़े नुकसान का दिखाया भय 
iPhone बनाने वाली कंपनी Apple चीन में अपने प्रोडक्शन को सीमित कर रही है. कंपनी चीन से आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग भारत और वियतनाम जैसे देश में शिफ्ट कर रही है. इससे ड्रैगन भड़क गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में चीनी सरकार की तरफ से सरकारी कर्मचारियों को आदेश दिया गया था कि आईफोन से दूरी बनाएं. उनके iPhone लेकर ऑफिस जाने पर रोक लगा दी गई थी. हालांकि इस बारे में अधिकारियों को कोई लिखित आदेश नहीं जारी किया गया है. चीन ने ऐपल के प्रोडक्ट का बहिष्कार शुरू करके एक तरह से कंपनी पर दबाव बनाने की कोशिश की है. Apple के लिए China काफी बड़ा बाजार है. वहां उसके प्रोडक्ट्स के बहिष्कार का मतलब है कंपनी को बड़ा नुकसान. 

भारत में बड़े निवेश की तैयारी
Apple के बाद अब चीन ने ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन को निशाने पर लिया है. फॉक्सकॉन (Foxconn) कॉन्ट्रैक्ट पर इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. ये कंपनी भारत में बड़े निवेश की तैयारी में है और खुद को यहां मजबूती से स्थापित करना चाहती है. Foxconn ऐपल के लिए आईफोन भी बनाती है. फॉक्सकॉन ने तमिलनाडु में निवेश किया है. साथ ही उसकी तेलंगाना और कर्नाटक में भी निवेश करने की योजना है. फॉक्सकॉन की पेरेंट कंपनी होन हाई के चेयरमैन एवं सीईओ यंग लियू के अनुसार, अगले दस साल में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग में भारत की हिस्सेदारी 20 से 30 प्रतिशत होगी. फॉक्सकॉन की भारत से बढ़ती नजदीकी से चीन लाल हो गया है.

कंपनी के खिलाफ जांच शुरू
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने फॉक्सकॉन के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. स्थानीय टैक्स विभाग ने फॉक्सकॉन की सहयोगी कंपनियों का ऑडिट किया है. इसके अलावा, नेचुरल रिसोर्सेज मिनिस्ट्री ने हेनान और हुबेई प्रांतों में कंपनी के लैंड यूज की जांच के भी आदेश दिए हैं. फॉक्सकॉन की चीन में सबसे बड़ी iPhone फैक्ट्री है. ताइवान की इस कंपनी ने 1988 में चीन में कारोबार शुरू किया था. यह चीन में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली कंपनियों में शामिल है. ऐसे में फॉक्सकॉन का भारत पर ज्यादा फोकस करना चीन की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए चीनी सरकार कार्रवाई का भय दिखाकर कंपनी को भारत के और करीब जाने से रोकना चाहती है.
 


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