होम / बिजनेस / आखिर किस नए खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं आरबीआई गवर्नर
आखिर किस नए खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं आरबीआई गवर्नर
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की ओर इशारा करते हुए उन्होने कहा दुनिया के कई बड़े देशों के रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में इजाफा किया है, जो इशारा है कि महंगाई अभी और बढ़नी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज मौद्रिक नीति का ऐलान करने के साथ कहा कि कोविड और बाजार मे मंदी के साथ रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अब दुनिया एक नई समस्या का सामना कर रही है. ब्याज दरों में बढ़ोतरी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा दुनिया के कई बड़े देशों के रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में इजाफा किया है. जो इशारा है कि महंगाई अभी और बढ़नी है. उन्होंने आशा जताई कि दुनिया के इस बड़े संकट के बीच हमारी आर्थिक गतिविधियां स्थिर बनी हुई है.
जारी रहेगी अर्थव्यवस्था की रिकवरी
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि दूसरे क्वार्टर में हाई फ्रीक्वेंसी डाटा के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था के अप्रैल से जून तक 13.5 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में महामारी से रिकवरी जारी रहेगी.
वित्त वर्ष 2023 में 7.2 प्रतिशत रह सकती है विकास दर
भारतीय अर्थव्यवस्था की वित्त वर्ष 2023 में ग्रोथ रेट पर प्रीडिक्शन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की जीडीपी की ग्रोथ 7 प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत रह सकती है. जबकि रिटेल महंगाई 6.7 प्रतिशत बनी रहेगी। खाने पीने की चीजों के दामों में इजाफे के बीच अगस्त में भारत की महंगाई दर 7 प्रतिशत बनी हुई थी।जबकि आरबीआई ने इसके लिए 2 से 6 प्रतिशत की संभावना जताई थी.
उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत हो रही लगातार कमी 1 अप्रैल 2022 से 30 सितंबर 2022 तक रूपये में गिरावट का स्तर 7.4 प्रतिशत बना हुआ है.
अमेरिकी ब्याज बढ़ोतरी सभी के लिए चुनौती
शक्तिकांत दास ने कहा कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक के लगातार ब्याज दरों में बढ़ोतरी ने दुनिया भर की सभी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौती पैदा कर दी है. पिछले दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये की घटती कीमत के रिकॉर्ड आंकड़े सामने आए हैं. दुनिया के सभी देशों के आर्थिक जानकार अपने देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लेकर चिंता का सामना कर रहे हैं. पिछले चार क्वार्टर से लगातार जारी रेपो रेट में बढ़ोतरी बताती है कि योजना बनाने वाले लगातार महंगाई को नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रहे हैं.
टैग्स