होम / बिजनेस / आखिर देश की इकोनॉमी में ऐसा क्‍या हुआ कि IMF ने बढ़ा दिया ग्रोथ का अनुमान?

आखिर देश की इकोनॉमी में ऐसा क्‍या हुआ कि IMF ने बढ़ा दिया ग्रोथ का अनुमान?

IMF ने अकेले भारत की ग्रोथ रेट में इजाफा किया है जबकि अमेरिका को छोड़ दें तो बाकी देशों की ग्रोथ रेट की स्थिति उतनी बेहतर नहीं है. जबकि चीन अभी भी चुनौतियों से जूझ रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

इजराइल और फिलीस्‍तीन के बीच चल रहे युद्ध के बीच दुनिया में जहां इस बात की आशंका जताई जा रही है कि तेल के दाम अगर बढ़ते है तो क्‍या होगा. इस चिंता ने सभी देशों को परेशान कर रखा है. वहीं इन हालातों के बीच आईएमएफ (अंतराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष) ने इस साल के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ा दिया है. जुलाई के अनुमान से परे IMF (आईएमएफ) के अनुसार इस साल देश की ग्रोथ रेट 6.3 प्रतिशत रह सकती है. ये अनुमान जुलाई से 20 प्‍वाइंट ज्‍यादा है. 

जुलाई में भी जारी किया था अपना अनुमान 
IMF ने इस साल जुलाई में भी अपना अनुमान जारी किया था. उसके अनुसार ग्रोथ रेट का ये आंकड़ा 6.1 प्रतिशत था. लेकिन अब इसमें 20 प्‍वॉइंट का इजाफा कर दिया गया है. नए अनुमान के अनुसार ये ग्रोथ रेट 6.3 प्रतिशत रह सकती है. वहीं आईएमएफफ के अनुसार अगले साल के लिए ग्रोथ रेट के अनुमान में किसी तरह का बदलाव नहीं लाया गया है. वो 6.3 प्रतिशत पर ही बरकरार है. 

ये है इस बढ़ोतरी का कारण 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ ने इस बढ़ोतरी के पीछे जो वजह दी है वो अप्रैल से लेकर जुलाई तक हुई मजबूत खपत है. आईएमएफ के अनुसार 2023 और 2024 में ग्रोथ रेट मजबूत रहने का अनुमान है.  31 अगस्‍त को सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़े के अनुसार अप्रैल से लेकर जुलाई तक ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत रही है. ये ग्रोथ रेट अर्थशास्त्रियों के अनुमानों से ज्‍यादा रही थी. उन्‍होनें 7.7 प्रतिशत का अनुमान जताया था. जबकि ये ग्रोथ रेट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुमान से कम रही थी. आरबीआई ने 8 प्रतिशत का अनुमान लगाया था. 

दुनियाभर की अर्थव्‍यवस्‍थाओं का क्‍या है हाल? 
वहीं अगर दुनियाभर की अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर नजर डालें तो सबसे बेहतर सुधार अमेरिका की इकोनॉमी में हुआ है. अमेरिका की अर्थव्‍यवस्‍था महामारी पूर्व आंकड़ों से ज्‍यादा हो चुकी है. वहीं दूसरी ओर यूरो अभी भी महामारी पूर्व अनुमानों से 2.2 प्रतिशत की कमी देखने को मिल रही है. उनकी अर्थवयवस्‍था में रूस-युक्रेन युद्ध के कारण कीमतों पर असर देखने को मिल रहा है. वहीं अगर चीन की बात करें तो पहले महामारी और उसके बाद प्रॉपर्टी सेक्‍टर के क्राइसिस के कारण अर्थव्‍यवस्‍था को 4.2 प्रतिशत का नुकसान हुआ है. जबकि दूसरी उभरती हुई अर्थव्‍यवस्‍थाओं में कमजोर रिकवरी देखने को मिल रही है. 
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

लौह अयस्क होगा महंगा, स्क्रैप बनेगा स्टील इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कच्चा माल: डॉ. अशोक पांडा

सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि स्टील किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इसका प्रत्यक्ष योगदान भले ही 7-8 प्रतिशत के आसपास हो, लेकिन यह पूरे औद्योगिक विकास को गति देता है.

12 hours ago

35 अरब डॉलर के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर संकट, कमजोर मानसून बढ़ा सकता है डिफॉल्ट

ग्रामीण आय पर दबाव से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की रिकवरी को झटका लगने की आशंका

16 hours ago

सेबी का बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, MF को भी मिली इंट्रा-डे उधारी की छूट

विदेशी निवेशकों के लिए शुल्क भुगतान की प्रक्रिया होगी आसान, म्युचुअल फंड सेटलमेंट में बढ़ेगी लिक्विडिटी

16 hours ago

भारत के ऑटो कंपोनेंट उद्योग ने भरी रफ्तार, FY26 में कारोबार 12.7% बढ़कर 7.6 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

एसोसिएशन का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भी उद्योग 8% से 10% की दर से बढ़ सकता है. इसके पीछे घरेलू बाजार में मजबूत मांग और निर्यात में बढ़ोतरी को प्रमुख कारण बताया गया है.

18 hours ago

भारत में स्टील की मांग ने पकड़ी रफ्तार, Q1 में 8.3% बढ़ी खपत; आयात में 49% का उछाल

बुनियादी ढांचा और ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग से बढ़ी स्टील की खपत, चीन समेत तीन देशों से आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू

18 hours ago


बड़ी खबरें

लौह अयस्क होगा महंगा, स्क्रैप बनेगा स्टील इंडस्ट्री का सबसे बड़ा कच्चा माल: डॉ. अशोक पांडा

सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि स्टील किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. इसका प्रत्यक्ष योगदान भले ही 7-8 प्रतिशत के आसपास हो, लेकिन यह पूरे औद्योगिक विकास को गति देता है.

12 hours ago

सेबी का बड़ा फैसला: अब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, MF को भी मिली इंट्रा-डे उधारी की छूट

विदेशी निवेशकों के लिए शुल्क भुगतान की प्रक्रिया होगी आसान, म्युचुअल फंड सेटलमेंट में बढ़ेगी लिक्विडिटी

16 hours ago

शनि वक्री 2026: रणनीतिक आत्ममंथन जो अटूट कारोबारी नींव तैयार करता है

ज्योतिषाचार्य विक्रम चन्दीरमानी लिखते हैं, करियर से लेकर रिश्तों तक, शनि वक्री लोगों को त्वरित परिणामों के पीछे भागने के बजाय दीर्घकालिक फैसलों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है.

14 hours ago

35 अरब डॉलर के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर संकट, कमजोर मानसून बढ़ा सकता है डिफॉल्ट

ग्रामीण आय पर दबाव से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की रिकवरी को झटका लगने की आशंका

16 hours ago

भारत में स्टील की मांग ने पकड़ी रफ्तार, Q1 में 8.3% बढ़ी खपत; आयात में 49% का उछाल

बुनियादी ढांचा और ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग से बढ़ी स्टील की खपत, चीन समेत तीन देशों से आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू

18 hours ago