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सच साबित हुई आशंका, OCCRP के निशाने पर अब आई अनिल अग्रवाल की Vedanta

अडानी ग्रुप के बाद अब OCCRP के निशाने पर अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता है. OCCRP का खुलासा अग्रवाल की मुश्किलों में इजाफा कर सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

जैसी की आशंका जताई जा रही थी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) ने एक और बम फोड़ दिया है. गौतम अडानी के बाद OCCRP के निशाने पर वेदांता (Vedanta) के मालिक अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) आए हैं. OCCRP की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वेदांता ने कोरोना महामारी के दौरान पर्यावरण कानूनों को कमजोर करने के लिए गुपचुप तरीके से लॉबिंग की थी. गौरतलब है कि OCCRP अमेरिकी अरबपति कारोबारी जॉर्ज सोरोस (George Soros) के समर्थन वाली खोजी संस्था है.

पूर्व मंत्री का भी जिक्र
OCCRP की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी, 2021 में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने तत्कालीन पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से कहा था कि सरकार को माइनिंग कंपनियों को नए एनवायरमेंटल क्लीयरेंस हासिल किए बिना 50% उत्पादन बढ़ाने की अनुमति देनी चाहिए. इससे देश में इकॉनमिक रिकवरी तेज हो सकती है. संगठन ने यह दावा भी किया है कि वेदांता की ऑयल कंपनी केयर्न इंडिया की तरफ से ऑयल ब्लॉक्स में एक्सप्लोरेटरी ड्रिलिंग के लिए जन सुनवाई को खत्म करने के लिए लॉबिंग की, जो सफल रही थी.

वेदांता के बयान का हवाला
रिपोर्ट में वेदांता के बयान का भी जिक्र है. अनिल अग्रवाल की कंपनी द्वारा OCCRP से कहा गया कि देश की एक प्रमुख नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी होने के नाते वह घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर आयात कम करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है. देश के हित में और नेचुरल रिसोर्सेज के मामले में आत्मनिर्भर बनने के लिए समय-समय पर सरकार से मदद मांगी जाती है. वेदांता ने प्रवक्ता ने OCCRP से यह भी कहा कि सरकार से राष्ट्र के विकास के मसले पर प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करता रहता है और प्राकृतिक संसाधन के खनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने की मांग करता है. हालांकि, इस खुलासे पर अभी तक वेदांता और केयर्न ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

Adani ग्रुप पर ये है आरोप
इससे पहले, OCCRP ने अडानी ग्रुप (Adani Group) पर निशाना साधा था. अपनी रिपोर्ट में संगठन ने दावा किया है कि अडानी ग्रुप ने गुपचुप तरीके से खुद अपने शेयर खरीदकर स्टॉक एक्सचेंज में लाखों डॉलर का निवेश किया. अडानी समूह इस रिपोर्ट को बेबुनियाद करार दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद उसकी कंपनियों के शेयरों में नरमी आई. Adani Power Ltd इस समय गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है. समूह की फ्लैगशिप कंपनी Adani Enterprises के शेयर भी गुरुवार को लुढ़क गए थे, लेकिन अब उनमें तेजी आ रही है.


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