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अब OCCRP के आरोपों में उलझे Adani, सफाई के बावजूद ग्रुप के शेयरों में गिरावट जारी
अडानी समूह ने बयान जारी करके ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
गौतम अडानी (Gautam Adani) की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप (Adani Group) पर हिंडनबर्ग जैसा एक और बम फूटा है. ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अडानी ग्रुप ने गुपचुप तरीके से खुद अपने शेयर खरीदकर स्टॉक एक्सचेंज में लाखों डॉलर का निवेश किया. इस रिपोर्ट के सामने आते ही अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है. हालांकि, समूह ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से बकवास करार दिया है.
छवि खराब करने का प्रयास
अडानी समूह की तरफ से कहा गया है कि विदेशी मीडिया का एक वर्ग उसकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है. समूह ने कहा - हम सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं. ये विदेशी मीडिया के एक वर्ग द्वारा हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को पुनर्जीवित करने का प्रयास है. समूह की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है. OCCRP की रिपोर्ट में किए गए दावे एक दशक पहले के बंद मामलों पर आधारित हैं. उधर, अडानी समूह की सफाई के बावजूद उसकी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है.
ट्रांजैक्शन की डीटेल का खुलासा
ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप के मॉरिशस मे किए गए ट्रांजैक्शन की डीटेल का पहली बार खुलासा करने का दावा है. रिपोर्ट बताती है कि अडानी समूह की कंपनियों ने 2013 से 2018 तक गुपचुप तरीके से अपने शेयरों को खरीदा. OCCRP का कहना है कि उसने मॉरिशस के रास्ते हुए ट्रांजैक्शन और अडानी ग्रुप के इंटरनल ईमेल्स का बारीकी से अध्ययन किया है. उसकी जांच में यह सामने आया है कि कम से कम दो मामलों में निवेशकों ने विदेशी कंपनियों के जरिए अडानी ग्रुप के शेयर खरीदे और बेचे हैं.
इन 2 नामों का किया जिक्र
OCCRP की रिपोर्ट में दो निवेशकों नसीर अली शाबान अहली और चांग चुंग-लिंग का जिक्र है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये दोनों अडानी परिवार को बिजनेस पार्टनर्स हैं. रिपोर्ट यह भी कहती है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि चांग और अहली ने जो पैसा लगाया, वो अडानी परिवार ने दिया था लेकिन रिपोर्टिंग और डॉक्यूमेंट्स से साफ है कि अडानी ग्रुप में उनका निवेश अडानी परिवार के साथ सामंजस्य के साथ किया गया. बता दें कि इसी साल जनवरी में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें अडानी समूह पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे.
कौन है OCCRP?
आर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) को अरबपति जॉर्ज सोरोस (George Soros) और रॉकफेलर ब्रदर्स फंड (Rockefeller Brothers Fund) का समर्थन प्राप्त है. OCCRP का गठन यूरोप, अफ्रीका, एशिया और लातिनी अमेरिका में फैले कम से कम 24 गैर-लाभकारी जांच केंद्रों द्वारा किया गया है. 2006 में अस्तित्व में आया OCCRP संगठित अपराध पर रिपोर्टिंग में विशेषज्ञता का दावा करता है और मीडिया हाउसेस के साथ साझेदारी में रिपोर्ट, लेखों को प्रकाशित करता है. OCCRP को जॉर्ज सोरोस की यूनिट ओपन सोसायटी फाउंडेशन फंड मुहैया कराती है. इसके अलावा, उसे फोर्ड फाउंडेशन, रॉकफेलर ब्रदर्स फंड और ओक फाउंडेशन से भी फंड मिलता है.
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