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'ब्रेक' के बजाए अब 'एक्सीलेटर' पर Adani का पैर, फुल स्पीड में दौड़ेंगी विस्तार की योजनाएं   

गौतम अडानी एक बार फिर से कारोबार के विस्तार की योजनाओं पर लौट आए हैं. पावर और सीमेंट सेक्टर में दो बड़ी डील हो सकती हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अरबपति कारोबारी गौतम अडानी (Gautam Adani) अपने पुराने रंग में लौट आए हैं. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के चलते अडानी ने अपने कारोबार के विस्तार की योजनाओं पर एक तरह से ब्रेक लगा दिया था, लेकिन अब उन्होंने अपना पैर 'ब्रेक' से हटाकर 'एक्सीलेटर' पर रख लिया है. सीमेट सेक्टर के बाद अब गौतम अडानी पावर सेक्टर में एक बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं. वह दिवालिया हो चुकी पावर कंपनी कोस्टल एनर्जेन (Coastal Energen) को खरीदने के बेहद करीब पहुंच गए हैं.  

इतने करोड़ में होगी डील
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अडानी ग्रुप (Adani Group) की कंपनी अडानी पावर कोस्टल एनर्जेन (Coastal Energen) को 3,440 करोड़ रुपए में खरीद सकती है. अडानी पावर ने इसके लिए सबसे बड़ी बोली लगाई है. वैसे, इस कंपनी को अपना बनाने वालों में कई दूसरे नाम भी शामिल थे, लेकिन गौतम अडानी सबसे आगे निकल आए हैं. जिंदल पावर ने खुद को इस रेस से बाहर कर लिया है. अडानी पावर ने डिकी ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के साथ मिलकर Coastal Energen के लिए बोली लगाई है.

इस तरह साफ हुआ रास्ता
कोस्टल एनर्जेन दिवालिया होने के बाद कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी की प्रक्रिया से गुजर रही है. इसके लिए तीन बोलियां मिली थीं. इनमें शेरिषा टेक्नोलॉजीज, नवीन जिंदल की कंपनी जिंदल पावर और डिकी ऑल्टरनेटिव शामिल थीं. अडानी पावर ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा नहीं किया था, इसलिए उसने डिकी के साथ मिलकर संयुक्त समाधान योजना की पेशकश की थी. बोलीकर्तओं को 2,809.12 करोड़ रुपए के बेस प्राइज पर नीलामी में हिस्सा लेना था. अडानी पावर 3,440 करोड़ रुपए की बोली लगाई. जिसके जवाब में जिंदल पावर काउंटरबिड नहीं लगाई. शेरिषा टेक्नोलॉजीज ने बोली प्रक्रिया में ही हिस्सा नहीं लिया था, इस तरह अडानी पावर का रास्ता साफ हो गया.

इसलिए खास है ये कंपनी
अब यह जानना भी जरूरी है कि आखिर Coastal Energen में ऐसा क्या है कि गौतम अडानी इसे खरीदने को बेकरार हैं. इस कंपनी के पास तमिलनाडु में 600 मेगावाट की दो ऑपरेशनल यूनिट्स हैं. दोनों प्लांट की क्षमता 6-6 सौ मेगावाट है. इसके अलावा, कंपनी के पास तमिलनाडु जनेरेशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन कॉरपोरेशन के साथ एक एक्टिव पावर पर्चेज एग्रीमेंट भी है, जो सितंबर 2028 तक मान्य है. सबसे खास बात ये है कि Coastal Energen आयातित कोल पर ऑपरेट करने के लिए डिजाइन की गई है. रिपोर्ट्स की मानें तो ये कंपनी अडानी के बिजनेस के अनूकूल है, जो विदेशी कोयले पर ऑपरेट करती है. इसलिए अडानी इसमें खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

इस कंपनी पर भी है नजर 
वहीं, सीमेट सेक्टर में भी अडानी ने विस्तार योजनाओं को अमल में लाना शुरू कर दिया है. हाल ही में खबर आई थी कि अडानी CK बिरला ग्रुप की कंपनी ओरिएंट सीमेंट (Orient Cement Ltd) में हिस्सेदारी खरीद सकते हैं. दोनों पक्षों में डील को लेकर बातचीत चल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ओरिएंट सीमेंट के प्रमोटर सीके बिड़ला अपनी स्टॉक मार्केट में लिस्टेड सीमेंट कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं और अडानी समूह से उनकी बातचीत चल रही है. जून तिमाही तक ओरिएंट सीमेंट में सीके बिड़ला की 37.9 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. अडानी ग्रुप ने हाल ही में सांघी इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया था. अडानी सीमेंट की कुल सीमेंट क्षमता 110 मिलियन टन है. इस लिहाज से समूह सीमेंट सेक्टर में दूसरे नंबर पर है. यदि यह डील पूरी हो जाती है, तो अडानी सीमेंट की क्षमता में विस्तार हो जाएगा.
 


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