होम / बिजनेस / इन्वेस्टर्स का भरोसा मजबूत करने के लिए Adani Group ने बनाया बड़ा प्लान

इन्वेस्टर्स का भरोसा मजबूत करने के लिए Adani Group ने बनाया बड़ा प्लान

अडानी समूह पिछले साल आई हिंडनबर्ग के प्रभाव से पूरी तरह बाहर निकल गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अडानी समूह (Adani Group) निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए विदेशों में रोड शो (Adani Group Road Show) कर रहा है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद भी समूह ने निवेशकों का भरोसा वापस हासिल करने के लिए यही रणनीति अपनाई थी. इसके साथ ही अडानी समूह अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड बाजारों में वापसी करने जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) ने बुधवार को बताया कि वह अमेरिकी डॉलर में बॉन्ड जारी कर करीब 40.9 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है. इस बॉन्ड की अवधि करीब 18 साल होगी. इससे मिली राशि का इस्तेमाल 50 करोड़ डॉलर के बॉन्ड को रीफाइनेंस कराने में किया जाएगा.

ये है इसका उद्देश्य
अडानी समूह रोड शो के माध्यम से निवेशकों को अपनी विवेकपूर्ण वित्तीय योजना, परिचालन दक्षता और अपने लोन की देनदारी को पूरा करने की क्षमता के बारे में आश्वस्त करने की कोशिश कर रहा है. साथ ही इस दौरान, बॉन्डधारकों के मन में हिंडनबर्ग विवाद से जुड़ी किसी भी तरह की शंकाओं को दूर किया जाएगा. रोड शो की अगुवाई समूह के अहम एग्जिक्यूटिव्स और फाइनेंशियल एडवाइजर्स कर रहे हैं. जानकारों का कहना है कि रोड शो का उद्देश्य समूह की कर्ज के प्रबंधन से जुड़ी रणनीति, लिक्विडिटी की स्थिति और रीपेमेंट शेड्यूल पर स्पष्टता प्रदान करना है. 

ये भी पढ़ें - शेयर मार्केट से गायब होने वाली है ये कंपनी, कहीं आपने तो नहीं लगाया पैसा?

इस पर रहेगा जोर  
रोड शो के दौरान Adani ग्रुप अपने विभिन्न व्यवसायों के विस्तार की रूपरेखा भी पेश कर सकता है. समूह रिन्युएबल एनर्जी, पोर्ट, एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई क्षेत्रों में विस्तार योजनाओं पर काम कर रहा है. इसके लिए ग्रुप को बड़े पैमाने पर फंडिंग की भी जरूरत होगी. ऐसे में रोड शो निवेशकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. समूह के अधिकारियों ने हाल ही में लंदन में निवेशकों से मुलाकात की है. अब वे यूरोप, अमेरिका, कनाडा, मिडिल ईस्ट और एशिया में निवेशकों के साथ बातचीत की योजना बना रहे हैं. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

1 hour ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

4 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

5 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

6 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

6 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

5 hours ago

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

1 hour ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

2 hours ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

4 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

4 hours ago