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Adani Group ने 650 मिलियन डॉलर्स के कर्ज को चुकाने की कर ली है तैयारी!

अडानी ग्रुप के कुल कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी करेंसी बॉन्ड्स का है जो लगभग 39% है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

अडानी ग्रुप कंपनी के पास मौजूद अतिरिक्त कैश और कंपनी के आतंरिक स्त्रोतों का इस्तेमाल विभिन्न ग्रुप कंपनियों के विदेशी करेंसी के बॉन्ड्स को फिर से खरीदने के लिये करना चाहता है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अडानी ग्रुप इस प्लान की शुरुआत APSEZ (अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकॉनोमिक जोन) में 650 मिलियन डॉलर्स की किश्त के द्वारा करना चाहता है. 

कंपनी के कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा
इसके साथ ही अडानी ग्रुप अन्य इकाइयों के बॉन्ड्स को फिर से खरीदने के मौकों का भी आंकलन कर रहा है और ग्रुप द्वारा किसी कैपिटल एलोकेशन प्लान को तय करना अभी बाकी है. मार्केट में मौजूद अंदाजों की मानें तो अडानी ग्रुप के कुल कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी करेंसी बॉन्ड्स का है जो लगभग 39% है और इसके बाद अडानी ग्रुप के कर्ज में विदेशी और भारतीय बैंकों से लिए गए टर्म लोन्स का हिस्सा सबसे ज्यादा है. APSEZ ने एक फाइलिंग के दौरान बताया कि 22 अप्रैल 2023 को हुई कंपनी की मीटिंग में बोर्ड ने 2024 में बकाया कंपनी के आउटस्टैंडिंग सीनियर नोट्स के लिए 1 या अधिक किश्तों के टेंडर ऑफर्स को मंजूरी दे दी है. 

अब और नए लोन्स नहीं
हाल ही में Lenders को दिखाई गयी एक प्रेजेंटेशन में अडानी ग्रुप ने कहा था कि कंपनी अब अपना ध्यान प्रमुख रूप से लोन्स के भुगतान पर लगाएगी और तब तक नए लोन नहीं लेगी जब तक वह कर्ज के वर्तमान स्तर को कम नहीं कर लेती. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो साल 2022-23 के लिए कंपनी के 61,200 करोड़ के EBITDA (अर्निंग्स बिफोर टैक्स डेप्रिसिएशन एंड अमोर्टाईजेशन) में 20% की वृद्धि होने की उम्म्मीद है. 

मुश्किल में Air Works के साथ Adani की डील
अडानी ग्रुप के लिए मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. पिछले साल अडानी डिफेन्स सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी ने एविएशन मेंटेनेंस और रिपेयर करने वाली कंपनी Air Works को खरीदने के लिए एक समझौते पर साइन किये थे. लेकिन यह डील फिलहाल बहुत ही ज्यादा परेशानी में नजर आ रही है क्योंकि इस डील में अडानी ग्रुप की पार्टनर Punj Lloyd कंपनी लिक्विडिटी की हालत में चली गयी है. Air Works की डील 400 करोड़ रुपयों की कीमत पर तय की गयी थी.  
 

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