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फिर शॉपिंग के मूड में गौतम अडानी, अब इस कंपनी पर आ गया है दिल!
गौतम अडानी अपने कारोबार का तेजी से विस्तार कर रहे हैं. अब वह पावर सेक्टर में एक बड़ी डील की तैयारी में हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
गौतम अडानी की शॉपिंग जारी है. खबर है कि अडानी समूह ने केएसके महानदी पावर (KSK Mahanadi Power) के लिए करीब 27,000 करोड़ रुपए की बोली लगाई है. दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही इस कंपनी की क्षमता 1800 मेगावाट है. जाहिर है ऐसे में इसे अपना बनाकर अडानी समूह की कंपनी अडानी पावर (Adani Power) की कुल कैपिसिटी भी बढ़ जाएगी.
कर्ज का भारी बोझ
केएसके महानदी पावर भारी कर्ज के बोझ में दबी हुई है. इसी के चलते कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अडानी पावर ने KSK के लिए जितनी बोली लगाई है, उससे कंपनी के 92% कर्जदाताओं के पैसों की रिकवरी हो जाएगी. केएसके महानदी पावर पर करीब 32,240 करोड़ रुपए का कर्ज है.
ये भी हैं दौड़ में शामिल
वैसे KSK को अपना बनाने वालों के दौड़ में अडानी समूह के साथ-साथ और भी कई नाम शामिल हैं. कैप्री ग्लोबल होल्डिंग्स, NTPC, कोल इंडिया, अनिल अग्रवाल की वेदांता, JSW एनर्जी, जिंदल स्टील एंड पावर, आईलैब इंडिया स्पेशल फंड, रश्मि मेटालिक्स और श्रीशा होल्डिंग्स ने भी इसके लिए बोली लगाई है. पावर सेक्टर में आने वाले समय में तेजी से ग्रोथ की संभावना है, इसलिए केएसके महानदी पावर को खरीदने के लिए कई दिग्गज लाइन में खड़े हुए हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अडानी पावर के मुकाबले बाकी बोलीदाताओं ने क्या बोली लगाई है.
NTPC से बड़ा दांव
इस साल की शुरुआत में खबर आई थी कि KSK के लिए सरकारी कंपनी NTPC ने 5000 करोड़ का वैल्यूएशन तय किया है, लेकिन अब अडानी समूह इससे कहीं ज्यादा देने को तैयार है. अडानी पावर से मुकाबले के लिए NTPC ने अपनों बोली में क्या कोई बदलाव किया है, इसकी फिलहाल जानकारी सामने नहीं आ पाई है. बात दें कि NPTC की स्थापना 7 नवंबर 1975 को सरकार ने की थी. पहले इसे National Thermal Power Corporation के नाम से जाना जाता था.
छत्तीसगढ़ में है प्लांट
केएसके महानदी पावर प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में है. यह कंपनी अप्रैल 2022 से दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है. कंपनी मार्च 2018 में डिफ़ॉल्ट कर गई थी. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने केएसके महानदी और उसकी दो सहायक कंपनियों की बिक्री पर जून 2022 में रोक लगा दी थी, लेकिन इसी साल अप्रैल में पावर प्रोजेक्ट की नीलामी पर लगी रोक हटा ली गई.
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