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देश की नंबर वन सीमेंट कंपनी बनने की राह पर Adani Group, अब पेन्ना सीमेंट का किया अधिग्रहण
अडानी समूह ने 10,422 करोड़ रुपये की एंटरप्राइस वैल्यू पर पेन्ना सीमेंट का अधिग्रहण किया. इससे अडानी सीमेंट में 14 एमटीपीए क्षमता जुड़ गई है, जो अब कुल 89 एमटीपीए हो गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
सीमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी अडानी सीमेंट आने वाले सालों में देश की नंबर वन कंपनी बनने की तैयारी कर रही है. इसी क्रम में अडानी समूह ने गुरुवार को करोड़ों रुपये में पेन्ना सीमेंट का अधिग्रहण कर लिया है. वहीं, आने वाले दिनों में कई अन्य कंपनियों के अधिग्रहण की तैयारी भी चल रही है. मौजूदा समय में अल्ट्राटेक देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है. अडानी समूह की कंपनियां सीमेंट सेक्टर में दूसरे नंबर पर काउंट होती हैं. अडानी समूह आने वाले समय में नंबर वन पोजीशन हासिल करने के लिए 3 बिलियन डॉलर की योजना बना रही है.
इतने करोड़ में किया अधिग्रहण
अडानी समूह ने 10,422 करोड़ रुपये की एंटरप्राइस वैल्यू पर पेन्ना सीमेंट का अधिग्रहण किया. इस अधिग्रहण से अडानी सीमेंट में 14 एमटीपीए क्षमता जुड़ गई है, जो अब कुल 89 एमटीपीए हो गई है. वहीं, अंबुजा सीमेंट ने पीसीआईएल में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बाइंडिंग एग्रीमेंट किया है, जो 2028 तक 140 एमटीपीए की अपनी लक्ष्य क्षमता की ओर बढ़ रहा है. पीसीआईएल की आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान में 14 एमटीपीए (अंडर कंस्ट्रक्शन)क्षमता है. जोधपुर प्लांट में Surplus clinker अतिरिक्त 3 एमटीपीए सीमेंट पीसने की क्षमता का सपोर्ट करेगा.
अडानी सीमेंट की बाजार हिस्सेदारी में होगा सुधार
प्रायद्विपीय भारत (Peninsular India) की सेवा के लिए कोलकाता, गोपालपुर, कराईकल, कोच्चि और कोलंबो में पांच थोक सीमेंट टर्मिनलों के साथ अडानी सीमेंट के समुद्री परिवहन लॉजिस्टिक्स को मजबूत किया गया है. वहीं, इस अधिग्रहण से पूरे भारत में अडानी सीमेंट की बाजार हिस्सेदारी में 2 प्रतिशत और दक्षिण भारत में 8 प्रतिशत का सुधार होगा. अधिग्रहण को आंतरिक संसाधनों द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा.
अब इन कंपनियों के अधिग्रहण की है योजना
अडानी समूह इस सेक्टर में नंबर वन पोजीशन को पाने के लिए जिन कंपनियों का अधिग्रहण करने की योजना बना रहा है, उनमें पेन्ना सीमेंट के अलावा सौराष्ट्र सीमेंट, जयप्रकाश एसोसिएट और वरदराज सीमेंट के मालिकाना हक वाली ABG शिपयार्ड शामिल है. कंपनी 2028 तक सीमेंट सेक्टर का वन फिफ्थ एरिया को कैपचर करने की तैयारी कर रही है. सरकार जिस तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है और उसमें बड़ा निवेश कर रही है उसे देखते हुए इसकी मांग में 7 से 8 प्रतिशत की ग्रोथ की उम्मीद है. ऐसे में अडानी समूह इस सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी अल्ट्राटेक को पीछे छोड़ नंबर वन पर काबिज होना चाह रही है.
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इससे पहले अंबुजा और एसीसी का कर चुका है अधिग्रहण
अडानी समूह इससे पहले 2022 में अंबुजा और एसीसी का अधिग्रहण कर चुका है. कंपनी ने जून 2022 में 10.5 बिलियन डॉलर में अंबुजा और एसीसी का सौदा कर चुकी है. लगातार अपने विस्तार को बढ़ाने की कोशिश कर रहे अडानी समूह ने हाल ही में अंबुजा सीमेंट में 8339 करोड़ रुपये का निवेश किया है. अडानी के इस निवेश से अंबुजा में उसका निवेश बढ़कर 70.3 प्रतिशत हो चुका है. अडानी ने वारंट के माध्यम से अंबुजा सीमेंट में 5000 करोड़ का भी निवेश किया है. उसके बाद 28 मार्च 2024 को अडानी परिवार ने 6661 करोड़ रुपये का निवेश किया था, इससे उनकी कंपनी में हिस्सेदारी 3.6 प्रतिशत से बढ़कर 66 प्रतिशत के पार पहुंच गई है.
क्या कंपनी के पास है कच्चे माल का इंतजाम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर अंबुजा को सीमेंट सेक्टर में नंबर वन बनना है तो उसके लिए उसके पास फिलहाल कच्चे माल का भी पर्याप्त भंडार नजर आ रहा है. कंपनी के पास मौजूदा समय में 8000 मिलियन मीट्रिक टन चूना पत्थर का भंडार है, ये बेहद कम प्रीमियम पर उपलब्ध है. चूना पत्थर सीमेंट सेक्टर के लिए एक प्रमुख कच्चा माल है. यही नहीं सीमेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाला फ्लाई ऐश मौजूदा समय में 40 प्रतिशत है लेकिन आने वाले सालों में इसके 50 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है. कंपनी के पास जोखिम प्रबंधन का भी बेहतर इंतजाम है.
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