✕

होम / बिजनेस / IPO फंड में हेराफेरी का आरोप, SEBI ने इस कंपनी को किया शेयर बाजार से बैन

IPO फंड में हेराफेरी का आरोप, SEBI ने इस कंपनी को किया शेयर बाजार से बैन

Synoptics Technologies और उसके मर्चेंट बैंकर FOCL के खिलाफ SEBI की यह कार्रवाई IPO मार्केट में पारदर्शिता और निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने टेक कंपनी Synoptics Technologies Limited और उसके प्रमोटरों को शेयर बाजार में ट्रेडिंग से बैन कर दिया है. साथ ही मर्चेंट बैंकर First Overseas Capital Ltd (FOCL) को भी नए कार्यभार लेने से रोक दिया गया है. यह कार्रवाई कंपनी द्वारा IPO के जरिए जुटाए गए फंड के दुरुपयोग के आरोपों के चलते की गई है.

दो साल पहले आया था IPO, अब भाव 88 रुपये

Synoptics Technologies का IPO जून 2023 में 237 रुपये के प्राइस बैंड पर लॉन्च हुआ था. लेकिन आज, मंगलवार को कंपनी के शेयर लगभग 4% गिरकर 88 रुपये पर बंद हुए. दो साल से भी कम समय में कंपनी का शेयर मूल्य 60% से अधिक गिर चुका है.

सेबी की जांच में क्या सामने आया?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार SEBI के 6 मई को जारी अंतरिम आदेश में, पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने बताया कि कंपनी और FOCL ने IPO फंड को हड़पने की सुनियोजित योजना बनाई थी.
FOCL ने एस्क्रो समझौते का गलत इस्तेमाल करते हुए बैंकों को निर्देश दिए कि वे इश्यू से संबंधित खर्चों की आड़ में भारी रक़म ट्रांसफर करें. यह ट्रांजैक्शन रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में दिखाए गए खर्चों से 20 गुना ज्यादा था.

फंड की हेराफेरी के आंकड़े चौंकाने वाले

आदेश के अनुसार, इश्यू खर्च के नाम पर कुल ₹19 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए, जबकि RHP में यह खर्च ₹80 लाख रुपये बताया गया था. यह राशि न केवल अनुमोदित खर्चों से कहीं अधिक थी, बल्कि यह कंपनी द्वारा जुटाई गई कुल आय (₹35.08 करोड़) का 54% और पूरे इश्यू साइज (₹54.04 करोड़) का 35% हिस्सा था.

निवेशकों को लगा बड़ा झटका

SEBI की कार्रवाई और सामने आई हेराफेरी की जानकारी से निवेशकों को गहरा झटका लगा है. कंपनी का शेयर लगातार गिरावट में है, और इसमें रिकवरी की संभावनाएं तब तक सीमित दिखती हैं, जब तक कि इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं आ जाता.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

टाटा संस की लिस्टिंग से ग्रुप कंपनियों की रेटिंग पर क्या होगा असर? S&P ने दिया बड़ा अपडेट

S&P के मुताबिक, टाटा समूह की रेटिंग वाली कंपनियां स्वतंत्र पेशेवर प्रबंधन के तहत काम करती हैं, लेकिन टाटा संस उनकी रणनीतिक दिशा को प्रभावित करती है.

1 minute ago

कच्चा तेल नरम, एशियाई बाजार मजबूत, फिर भी गिफ्ट निफ्टी कमजोर; आज कैसी होगी शुरुआत?

मंगलवार को सेंसेक्स 242.65 अंक यानी 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 72,529.07 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी इंडेक्स 64.05 अंक यानी 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ.

12 minutes ago

यूएई भारत में करेगा 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश, पोर्ट, एनर्जी और स्पेस पर फोकस

2032 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, भारत में पहले ही करीब 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है यूएई

15 hours ago

बॉम्बे रेयॉन की दिवाला जांच: बिना बही-खातों के ₹483 करोड़ के सप्लायर बिल

भाग 2: बॉम्बे रेयॉन की दिवाला प्रक्रिया में उसके सप्लायर्स द्वारा किए गए कुल दावों में से आधे से अधिक का कंपनी के अपने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका, इनमें से ₹317 करोड़ चार ट्रेडिंग कंपनियों के थे, जिनके पास कोई मिल नहीं है. संबंधित पक्ष के तौर पर चिन्हित किए गए केवल दो दावे प्रमोटर्स से जुड़े थे, और दोनों का पूरा भुगतान किया गया, जबकि 2,027 कर्मचारियों को प्रति रुपये पर 14 पैसे की वसूली हुई. यह वही कंपनी है, जिसकी खरीद के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज दिया, तीन बार पुनर्गठन किया और अंततः ₹1,300 करोड़ से अधिक की रकम को बट्टे खाते में डाल दिया.

15 hours ago

त्योहारी सीजन से पहले फ्लिपकार्ट की बड़ी तैयारी, 1.4 करोड़ क्यूबिक फीट बढ़ी वेयरहाउसिंग क्षमता

लेह, कारगिल और पूर्वोत्तर के कई नए इलाकों तक पहुंचा ‘द बिग बिलियन डेज’; ईकार्ट नेटवर्क में जुड़े 750 से ज्यादा नए पिन कोड

16 hours ago


बड़ी खबरें

कच्चा तेल नरम, एशियाई बाजार मजबूत, फिर भी गिफ्ट निफ्टी कमजोर; आज कैसी होगी शुरुआत?

मंगलवार को सेंसेक्स 242.65 अंक यानी 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 72,529.07 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी इंडेक्स 64.05 अंक यानी 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ.

12 minutes ago

बॉम्बे रेयॉन की दिवाला जांच: बिना बही-खातों के ₹483 करोड़ के सप्लायर बिल

भाग 2: बॉम्बे रेयॉन की दिवाला प्रक्रिया में उसके सप्लायर्स द्वारा किए गए कुल दावों में से आधे से अधिक का कंपनी के अपने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका, इनमें से ₹317 करोड़ चार ट्रेडिंग कंपनियों के थे, जिनके पास कोई मिल नहीं है. संबंधित पक्ष के तौर पर चिन्हित किए गए केवल दो दावे प्रमोटर्स से जुड़े थे, और दोनों का पूरा भुगतान किया गया, जबकि 2,027 कर्मचारियों को प्रति रुपये पर 14 पैसे की वसूली हुई. यह वही कंपनी है, जिसकी खरीद के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज दिया, तीन बार पुनर्गठन किया और अंततः ₹1,300 करोड़ से अधिक की रकम को बट्टे खाते में डाल दिया.

15 hours ago

टाटा संस की लिस्टिंग से ग्रुप कंपनियों की रेटिंग पर क्या होगा असर? S&P ने दिया बड़ा अपडेट

S&P के मुताबिक, टाटा समूह की रेटिंग वाली कंपनियां स्वतंत्र पेशेवर प्रबंधन के तहत काम करती हैं, लेकिन टाटा संस उनकी रणनीतिक दिशा को प्रभावित करती है.

1 minute ago

यूएई भारत में करेगा 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश, पोर्ट, एनर्जी और स्पेस पर फोकस

2032 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, भारत में पहले ही करीब 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है यूएई

15 hours ago

अडानी ग्रुप को सेबी से बड़ी राहत, MPS मामले में 4 कंपनियों ने ₹1.48 करोड़ में किया सेटलमेंट

अडानी ग्रुप से जुड़े मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 28 सितंबर को दो अहम आदेश जारी किए.

17 hours ago